लिखित आश्वासन पर एनएचएम कर्मचारियों ने स्थगित की हड़ताल
हर माह सात तारीख तक वेतन जारी कराने की जिम्मेदारी तय लिखित आश्वासन पर एनएचएम कर्मचारियों ने स्थगित की हड़ताल

गुरुग्राम, साक्षी रावत। पिछले करीब दो वर्षों से समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या से परेशान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की। हालांकि, सिविल सर्जन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर दी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी अधिकारी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि वेतन समय पर जारी कराने की जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर था। सिविल सर्जन गुरुग्राम की ओर से एक सितंबर को जारी पत्र में एनएचएम के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों का वेतन हर माह की सात तारीख तक जारी करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि निर्धारित समय तक वेतन जारी नहीं होने पर संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। यह पत्र जिला लेखा प्रबंधक समेत संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है。
कर्मचारियों की मांग
एनएचएम कर्मचारियों के अनुसार, बजट उपलब्ध होने के बावजूद पिछले दो वर्षों से कई बार वेतन में देरी होती रही है। वेतन के लिए कर्मचारियों को वर्क सस्पेंड, ज्ञापन और प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ता है। उनका कहना है कि हर बार वेतन जारी होने के बाद मामला शांत हो जाता है, लेकिन देरी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाता।
आश्वासन और हड़ताल स्थगित
एनएचएम कर्मचारियों की मुख्य मांग थी कि वेतन समय पर जारी करने की जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की है, इसे स्पष्ट रूप से तय किया जाए और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। सोमवार के बाद मंगलवार को भी हड़ताल शुरू होने के बाद सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से लिखित निर्देश जारी किए गए। इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया। कर्मचारियों ने कहा कि लिखित आदेश के बाद अब उन्हें उम्मीद है कि हर माह सात तारीख तक वेतन मिल जाएगा। यदि भविष्य में फिर देरी होती है तो संबंधित जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई की मांग की जाएगी।


