एनजीटी ने झारखंड प्रदूषण बोर्ड की जांच पर उठाए सवाल

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने साहिबगंज जिले में अवैध खनन की जांच में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की देरी और उसकी विधियों पर चिंता जताई है। एनजीटी ने जेएसपीसीबी को अतिरिक्त हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया और अवैध खनन रोकने के लिए जिला टास्क फोर्स की कार्रवाईयों की रिपोर्ट मांगी है।

एनजीटी ने झारखंड प्रदूषण बोर्ड की जांच पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने साहिबगंज जिले में अवैध खनन के आरोपों की जांच करने के झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जेएसपीसीबी) के तरीके पर चिंता जताई है और जांच में हुई देरी पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी की पूर्वी जोन पीठ ने कहा कि जेएसपीसीबी के जवाबी हलफनामे में अवैध खनन और जेसीबी मशीनों व ट्रैक्टरों के इस्तेमाल के आरोपों से इनकार किया गया था। हलफनामा 17 जुलाई को एक संयुक्त समिति की जांच पर आधारित था। एनजीटी की पीठ ने साहिबगंज जिले में अवैध खनन के आरोपों की जांच के जेएसपीसीबी के तरीके पर चिंता जताई।

हालांकि, ट्रिब्यूनल ने सवाल किया कि मॉनसून शुरू होने से पहले, 18 मई, 2026 को नोटिस जारी होने के तुरंत बाद जांच क्यों नहीं की गई। पीठ ने पाया कि जवाबी हलफनामे में उस समय हुए अवैध खनन के आरोपों पर ठीक से बात नहीं की गई थी और ऐसा लगा कि यह गलत धारणा बनाने की कोशिश थी कि कोई अवैध खनन नहीं हुआ है।अधिकरण ने जेएसपीसीबी को निर्देश दिया कि वह एक अतिरिक्त जवाब दाखिल करे जिसमें विशेष रूप से मूल आवेदन में बताए गए समय के दौरान अवैध खनन के आरोपों पर बात की गई हो। ट्रिब्यूनल ने साहिबगंज के जिला मजिस्ट्रेट/उपायुक्त को खनन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड और अवैध खनन रोकने के लिए जिला टास्क फोर्स द्वारा उठाए गए कदमों के साथ विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय भी दिया।

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