अलीगढ़ के ध्यानार्थ : कचरे को गैर कानूनी रूप से जलाने की जांच करेगी समिति
नई दिल्ली, एनजीटी ने अलीगढ़ के मुजम्मिल कॉम्प्लेक्स में मेडिकल वेस्ट और अन्य कचरे के जलाने की जांच के लिए समिति गठित की है। समिति को एक महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। डीएम को नोडल एजेंसी बनाया गया है और रिपोर्ट में देरी होने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है।

मुजम्मिल कॉम्प्लेक्स से जुड़ा है मामला, अगली सुनवाई से पहले मांगी रिपोर्ट नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने अलीगढ़ के मुजम्मिल कॉम्प्लेक्स में मेडिकल वेस्ट प्लास्टिक और अन्य कचरे को गैर-कानूनी रूप से जलाने के आरोपों की जांच करने और सुधार के उपाय सुझाने के लिए एक संयुक्त समिति गठित की है।
स्थानीय रिपोर्ट की मांग
इसमें एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (यूपीपीसीबी) और अलीगढ़ के डीएम के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे मौके पर जाकर शिकायत की जांच करें और एक महीने के अंदर मामले की रिपोर्ट दें। यह आदेश जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की बेंच ने जारी किया। एनजीटी ने कहा कि अगली सुनवाई से पहले समिति रिपोर्ट सौंपे। अलीगढ़ के डीएम को समिति के साथ तालमेल करने और उसकी रिपोर्ट जमा कराने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। ट्रिब्यूनल ने चेतावनी दी है कि अगर संयुक्त समिति तय समय के भीतर रिपोर्ट नहीं सौंपती है तो डीएम को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना होगा और देरी की वजह बतानी होगी। अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
कचरे का मामला
यह है मामला शहर के मुजम्मिल कॉम्प्लेक्स में चल रहे मेडिकल सेंटर और बड़ी दवा की दुकानों से हर दिन भारी मात्रा में कचरा निकलता है। इसे रात में या सुबह जलाया जाता है। शिकायतकर्ता राबिया बानो का आरोप है कि धुआं जहरीला और तीखा होता है, इससे निवासियों को सांस लेने में दिक्कत होती है।
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