वी बीजी रामजी योजना में 134 ग्राम पंचायतों में शुरू हुआ काम
वी बीजी रामजी योजना 1 जुलाई से शुरू हुई है, जिसमें 134 ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया है। अब मजदूरों को 125 दिन तक रोजगार मिलेगा और मजदूरी का भुगतान 15 दिन के भीतर किया जाएगा। यह योजना मनरेगा का नया रूप है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के योगदान में बदलाव हुआ है।

देवरिया, निज संवाददाता। वी बीजी रामजी योजना में 134 ग्राम पंचायतों में काम शुरू हुआ है। नई योजना में मजदूरों को सवा सौ दिन काम मिलेगा। 1 जुलाई से वी बीजी राम जी योजना शुरू हो गया है। मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फार रोजगार और आजीविका मिशन किया गया। इस योजना में काम के साथ ही भुगतान मिलने की गारंटी रहेगी। ग्राम पंचायतों के 199 कार्यस्थलों पर 2714 मजदूर काम कर रहे। जिले में 1 जुलाई से मनरेगा योजना का स्वरूप बदल गया है। यह योजना कई बदलावों के साथ वीबी जी रामजी योजना (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) के नाम से जानी जाने लगी है ।
अब मनरेगा कर्मी वीबी जी रामजी कर्मी कहे जाएंगे। नाम बदलने के साथ ही इस योजना में समय से मजदूरी भुगतान की भी गारंटी भी मिलेगी। 15 दिन के भीतर भुगतान न होने पर मुआवजा देने की व्यवस्था है। साथ ही अब 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार मिलेगा।जिसका लाभ जनपद के पंजीकृत मनरेगा मजदूरों को मिलेगा। एक जुलाई को योजना का शुभारंभ किया गया। वीबी जी रामजी योजना के तहत जिले के 134 ग्राम पंचायतों में काम चल रहा है। इन ग्राम पंचायतों के 199 कार्यस्थलों पर 2714 मजदूर काम कर रहे हैं। वीबी जी रामजी योजना के कार्यों पर अब मनरेगा की जगह वीबी जी रामजी योजना का बोर्ड लगेगा। अब मजदूरों की उपस्थिति नए नियमों के अनुसार होगी। वीबी जी रामजी योजना के तहत अब प्रत्येक वर्ष 125 दिन रोजगार दिए जाने की गारंटी दी गई है। इसके अलावा कार्य करने वाले मजदूरों का भुगतान 15 दिवस के भीतर करना अनिवार्य हो गया है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मजदूरों को मुआवजा भी दिया जाएगा। मनरेगा योजना के तहत केन्द्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार का अंश 10 प्रतिशत होता था। लेकिन अब केन्द्र सरकार का अंश 60 प्रतिशत और राज्य सरकार का 40 प्रतिशत होगा। खेती के सीजन में अवकाश की भी व्यवस्था की गई है।


