बादशाहपुर में सीवर शोधन संयंत्र लगाने की तैयारी

हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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चंडीगढ़/फरीदाबाद, धनंजय चौहान। औद्योगिक और सीवेज प्रदूषण से निपटने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं

बादशाहपुर में सीवर शोधन संयंत्र लगाने की तैयारी

चंडीगढ़/फरीदाबाद, धनंजय चौहान। औद्योगिक और सीवेज प्रदूषण से निपटने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं पर काम तेजी से काम जारी है। बादशाहपुर में नया सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित किया जा रहा है, जबकि प्रतापगढ़ में 50 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का साझा अपशिष्ट शोधन संयंत्र (सीईटीपी) प्रस्तावित है। दोनों परियोजनाओं से दूषित जल से राहत मिलने की उम्मीद है।

सीवेज शोधन संयंत्र की बैठक

चंडीगढ़ में बुधवार को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में छह सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) बजघेरा, सोनीपत के खेड़वा, यमुनानगर के रादौर मार्ग, पानीपत के ददलाना, पानीपत के सोधापुर सहित प्रदेश में 132 एमएलडी की संयुक्त क्षमता वाले छह नए एसटीपी लगाए जा रहे हैं। इनमें फरीदाबाद का बादशाहपुर भी शामिल है। इन सभी परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

प्रतापगढ़ में 50 एमएलडी सीईटीपी

औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के शोधन के लिए प्रतापगढ़ में 50 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी बनाया जाना है। इसके लिए 10 अगस्त को निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इच्छुक कंपनियां 14 सितंबर तक निविदाएं जमा कर सकती हैं। सीईटीपी के बनने से औद्योगिक अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक तरीके से शोधन में मदद मिलेगी। इसके अलावा प्रदेश में छह मौजूदा एसटीपी का उन्नयन भी किया जा रहा है। इनमें गुरुग्राम के धनवapur और बह्रमपुर के साथ फरीदाबाद से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। इनकी क्षमता 304 एमएलडी है। बैठक में अधिकारियों ने जल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, तकनीक आधारित निगरानी की जाएगी।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦हरियाणा में कितने नए सीवेज शोधन संयंत्र लगाए जा रहे हैं?−
हरियाणा में छह नए सीवेज शोधन संयंत्र लगाये जा रहे हैं।
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