वीबीजीरामजी में 20050 मजदूर , विभाग में 4210 मजदूर ही सक्रिय
10 पंचायतों में काम करने वाले मजदूरों की संख्या की हो रही है जांच 10 पंचायतों में काम करने वाले मजदूरों की संख्या की हो रही है जांच 100 से 125 दिन की मजदूरी के 300 रुपये भुगतान का किया गया निर्धारण...

10 पंचायतों में काम करने वाले मजदूरों की संख्या की हो रही है जांच 100 से 125 दिन की मजदूरी के 300 रुपये भुगतान का किया गया निर्धारण गुठनी,एक संवाददाता। प्रखण्ड मुख्यालय में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के स्थान पर अब विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबीजी रामजी) के तहत कार्यों का संचालन किया जा रहा।
नई योजना के लाभ
नई योजना के तहत निबंधित जॉब कार्डधारी ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिन तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। साथ ही मजदूरी दर में 18 रुपए की वृद्धि राज्य सरकार की ओर से की गई है। पहले मनरेगा के तहत मजदूरों को 252 रुपए दिए जाते थे। अब मजदूरों को 300 रुपए की मजदूरी दी जाएगी। वहीं डिजिटल जॉब कार्ड, ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन, ऑनलाइन मस्टर रोल, समयबद्ध मजदूरी भुगतान जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी गई है।
मजदूरों का रजिस्ट्रेशन
पीओ ज्योति सिंह ने बताया कि लंबित योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। जिन योजनाओं में कार्य प्रगति पर है। उनका निष्पादन पूर्व स्वीकृति के अनुसार जारी रहेगा। 10 पंचायत में 20050 मजदूर , विभाग में 4210 मजदूर ही एक्टिव वीबी जी राम जी के तहत 10 पंचायत में 20050 मजदूरों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। वही 4210 मजदूर विभाग के रिकॉर्ड में एक्टिव मेंबर है। जिनमें बलुआ में 376, बरपालिया में 366, पड़री में 389, विसवार में 346, चिताखाल में 657, सोहगरा में 338, सोनहुला में 450, जतौर में 378, बेलौरी में 306 और टड़वा खुर्द में 604 मजदूर है। जिनमें वीबी जी राम जी में मजदूरों को 252 रुपए की जगह 300 रुपए निर्धारित किया गया है।
योजना का उद्देश्य
वीबी जी राम जी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और पलायन की समस्या पर रोक लगाना है। इसमें 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। इसमें आनलाइन काम को बढ़ावा दिया जा रहा है।


