मेघालय की जल परंपरा को बचाएगा ब्रिटिश संग्रहालय
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
मेघालय के सोहमिनटिंग गांव में एक नया प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य सदियों पुरानी मछली पकड़ने की कला को बचाना है। यह प्रोजेक्ट ब्रिटिश संग्रहालय के सहयोग से पारंपरिक औजारों की निर्माण प्रक्रिया और उपयोग का दस्तावेजीकरण करेगा, जिससे स्थानीय विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।

सोहमिनटिंग गांव में शुरू हुआ नाय प्रोजेक्ट मछली पकड़ने की परंपरा को सहेजने की तैयारीगुवाहाटी, एजेंसी। मेघालय की सदियों पुरानी मछली पकड़ने की कला को बचाने के लिए ब्रिटिश संग्रहालय ने नया प्रोजेक्ट शुरू किया है।इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य वेस्ट जयंतिया हिल के ‘पनार’ भाषी सोहमिनटिंग गांव में मीठे पानी में मछली पकड़ने के पारंपरिक औजारों के निर्माण और उनके उपयोग का दस्तावेजीकरण करना है। टीम स्थानीय स्तर पर मिलने वाले बांस-बेंत से बनने वाले औजारों (खनाम, पारोन, क्रियाह नुप, छड़ें, भाले और टोकरियां) को बनाने और उनके उपयोग का रिकॉर्ड तैयार करेगी। इससे मेघालय की स्थानीय विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी और टिकाऊ तरीके से जल संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।


