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New Motor Vehicle Act: चालान भरने के लिए 11 विशेष अदालतें, छुट्टी वाले दिन भी करेंगी काम

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New Motor Vehicle Act: नए मोटर वाहन अधिनियम के सख्ती से लागू होने के बाद मामलों के निपटारे के लिए सभी 11 जिला अदालतों में विशेष अदालतें लगनी शुरू हो गई हैं। अब इन अदालतों को रोजाना लगाने का निर्णय किया गया है। अवकाश वाले दिन भी ये अदालतें लगेंगी। जिला जज की तरफ से जारी अधिसूचना में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जब तक संबंधित अदालत का काम पूरा नहीं होगा, अदालतें लगी रहेंगी। इसके लिए न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अतिरिक्त समय देना होगा। 

पहले ही सभी विशेष ट्रैफिक अदालतों के लिए भी ड्यूटी रोस्टर जारी कर दिया गया है। रोस्टर में कहा गया है कि किसी भी स्थिति में संबंधित न्यायिक अधिकारी अवकाश नहीं लेगा। अगर कोई आपात स्थिति बनती है तो संबंधित न्यायिक अधिकारी को निजी स्तर पर दूसरे न्यायिक अधिकारी से आपसी सहमति से ड्यूटी बदलने का निर्णय लेना होगा।

उसी दिन निपटाने होंगे मामले : अधिसूचना में कहा गया है कि संबंधित तारीख के मामले उसी दिन निपटाने होंगे। साथ ही एक दिन का वसूला गया जुर्माना और जब्त वाहन को सुपरदारी पर छोड़ने संबंधी आदेश भी उसी दिन जारी करने होंगे। प्रत्येक सर्किल के हिसाब से न्यायिक अधिकारी वसूले गए जुर्माने का हिसाब भी उसी दिन तैयार करेंगे। दरअसल, यह कवायद नए मोटर वाहन अधिनियम के तहत लोगों को असुविधा से बचाने के लिए की जा रही है।

कई वर्ष पहले चालान हुआ, अब दौड़ रहे : नया मोटर वाहन अधिनियम लागू होने से लोगों में भय का माहौल है। हालात यह हैं कि बड़ी तादाद में अदालतों में ऐसे लोग पहुंच रहे हैं, जिनका चालान वर्षों पहले हुआ था, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। अब ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर जांचने पर उन्हें वर्षों पुराने चालान का पता चल रहा है, ऐसे ही कई मामले सोमवार को सामने आए।

सीलमपुर निवासी आकाश के चार पहिया वाहन का चालान तेज रफ्तार की वजह से 16 फरवरी 2016 को हुआ था। इसकी जानकारी आकाश को नहीं थी। दोस्त के कहने पर उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर जांचा तो पता चला कि उसका साढ़े तीन साल पहले ओवरस्पीड का 400 रुपये का चालान लंबित है। 

यह जानकारी मिलते ही वह तुरंत कड़कड़डूमा अदालत पहुंचा। वहीं, द्वारका अदालत में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। अपने चार पहिया वाहन का पुराना चालान भुगतने पहुंचे रतन गिल ने बताया कि उनका ओवरस्पीड का चालान सात महीने पहले हुआ था। वेबसाइट के जरिए ही उन्हें चालान का पता चला। वह जुर्माना भरने अदालत पहुंचे, मगर अदालत में अधिक मामले होने के चलते अगली तारीख लग गई।

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