उच्च शिक्षा में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड समेत कई योजनाएं शुरू की

हिन्दुस्तान, रांची
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रांची में उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार ने कई नई योजनाएँ शुरू की हैं। इनमें गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, उच्चतर शिक्षा पुरस्कार योजना और निजी शिक्षण संस्थानों पर अंकुश लगाने के लिए नए कानून शामिल हैं। इसके अलावा, 10 हजार छात्रों को इंटर्नशिप भी मिलेगी।

उच्च शिक्षा में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड समेत कई योजनाएं शुरू की

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। गिरिडीह से दोबारा विधायक चुने जाने के बाद दिसंबर 2024 में सुदिव्य कुमार उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री बने थे। 2015 से 2019 तक रघुवर सरकार में कोई स्थायी उच्च शिक्षा मंत्री नहीं थे, जबकि 2024 में पहली हेमंत सोरेन की सरकार ने कुछ महीने के लिए चंपाई सोरेन को यह जिम्मेदारी दी थी। उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग को स्थायी मंत्री मिलने के बाद एकेडमिक से लेकर छात्र हित में कई काम हुए। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत हुई। चार प्रतिशत के ब्याज पर छात्रों को 15 लाख रुपये तक एजुकेशन लोन दिया जा रहा है। इसमें किसी प्रकार की संपत्ति व गारंटी की आवश्यकता नहीं है। पिछले कैबिनेट में इसमें संशोधन करते हुए पूर्व में छात्रों की ओर से जमा राशि भी वापस करने पर मुहर लगी।

झारखंड राज्य उच्चतर शिक्षा पुरस्कार योजना

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों, प्रशासकों और संस्थानों को सम्मानित करने के लिए इस योजना को अधिसूचित कर लागू किया गया है। इस योजना के तहत विभिन्न नौ श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संकाय सदस्यों और शोधार्थियों को सम्मानित किया जाता है। इसमें नगद प्रोत्साहन राशि प्रथम पुरस्कार दो लाख, द्वितीय पुरस्कार 1.50 लाख और तृतीय पुरस्कार एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किए जाते हैं।

सरकार को मिला कुलपतियों की नियुक्ति का अधिकार

मंत्री सुदिव्य कुमार ने झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 पारित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अधिनियम में सरकार को कुलपतियों की नियुक्ति का अधिकार मिल गया। पहले राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रतिकुलपतियों की नियुक्ति करते थे, लेकिन इस विधेयक के पास होने के बाद अब राज्यपाल और मुख्यमंत्री संयुक्त रूप से पैनल से अनुशंसित व्यक्तियों में किसी एक का चयन करेंगे।

निजी शिक्षण संस्थान व कोचिंग संस्थान पर लगाया अंकुश

मंत्री सुदिव्य कुमार ने राज्य में पहली बार निजी शिक्षण शिक्षण संस्थानों और कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कानून लागू कराया। इसके लिए झारखंड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (नियंत्रण व नियमन) अधिनियम, 2025 और झारखंड कोचिंग संस्थान (रेगुलेशन आफ फीस) अधिनियम, 2025 लागू कराया। कोचिंग संस्थानों ने झारखंड कोचिंग संस्थान (रेगुलेशन आफ फीस) विधेयक का व्यापक विरोध भी किया था। राज्यपाल से विधेयक पर स्वीकृति नहीं देने की गुहार भी लगाई थी। हालांकि राज्यपाल ने छात्रहित में इस पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी। इस कानून का उद्देश्य निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों (इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन आदि) द्वारा मनमाने ढंग से वसूले जाने वाले शुल्क पर लगाम लगाना है। झारखंड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (नियंत्रण एवं नियमन) अधिनियम में संस्थानों में शुल्क के निर्धारण और पारदर्शिता के लिए उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित किए जाने का प्रावधान है।

10 हजार छात्रों को आठ हफ्ते की सवैतनिक इंटर्नशिप

उच्च शिक्षा में पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना को पिछली कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य के 10 हजार स्नातक विद्यार्थियों को आठ सप्ताह की सवैतनिक इंटर्नशिप दी जाएगी। इसमें स्टाइपेंड की राशि 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार कर दी गई है। पायलट चरण की सफलता के बाद अब इसे राज्य की सभी 4,345 पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। योजना के तहत छात्र गांवों का भ्रमण कर पारंपरिक ज्ञान और ग्रामीण नवाचारों का डिजिटल दस्तावेज तैयार करेंगे। इसके संचालन पर हर साल 19.33 करोड़ का खर्च होगा। इसमें मेंटर्स का भी मानदेय बढ़ाकर 30 हजार और समन्वयकों का 80 हजार किया गया है। वहीं, उत्कृष्ट टीमों को राष्ट्रीय संस्थानों में एक्सपोजर विजिट का मौका मिलेगा। इसके अलावा, झारखंड अनुसंधान व नवाचार नीति-2025 का भी शुभारंभ हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

✦सुदिव्य कुमार ने उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री के रूप में क्या नई योजनाएं शुरू की हैं?−
सुदिव्य कुमार ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, झारखंड राज्य उच्चतर शिक्षा पुरस्कार योजना, और निजी शिक्षण संस्थानों पर अंकुश लगाने के लिए नए कानून लागू किए हैं।
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