नए डिग्री कॉलेजों में संसाधन नहीं, पढ़ाई आज से
दरभंगा में सरकार के निर्देश पर आठ नए राजकीय डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। कक्षाएं बुधवार से शुरू होंगी, लेकिन संसाधनों की कमी और शिक्षकों की कमी बनी हुई है। बलवाड़ी के प्रधानाचार्य ने कहा कि बिना उचित बुनियादी ढांचे के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती।

दरभंगा, हिटी। राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में आठ नए राजकीय डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। इन डिग्री कॉलेजों में बुधवार से कक्षाएं शुरू होंगी। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। हालांकि अधिकतर डिग्री कॉलेजों में संसाधनों का अभाव है। कई जगहों पर तो अभी तक बेंच-डेस्क की आपूर्ति भी नहीं की गयी है। अधिकतर जगहों पर शिक्षकों की कमी है। शिक्षकेतर कर्मी भी एक ही उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में इन कॉलेजों में सुचारू रूप से कार्य संचालन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है। बता दें कि जिले के हनुमाननगर, सिंघवाड़ा, तारडीह, अलीनगर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, किरतपुर तथा गौड़ाबौराम में नए राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना हुई है।
इन जगहों पर पूर्व में डिग्री कॉलेज की स्थापनी नहीं की गई थी। सिंहवाड़ा प्रखंड के सनहपुर डिग्री कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. मुश्ताक अहमद ने बताया कि सनहपुर उत्कर्मित उच्च विद्यालय में तत्काल राजकीय डिग्री कॉलेज, सिंहवाड़ा का संचालन शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 15 जुलाई को एक साथ पूरे राज्य के डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे। यहां इस वर्ष अर्थात सत्र 2026-30 में चार वर्षीय स्नातक के प्रथम वर्ष में छह विषयों हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र एवं अर्थशास्त्र में 15 जुलाई से वर्ग प्रारम्भ हो रहा है।प्रो. अहमद ने कहा कि लनीमिवि के नामांकन पोर्टल पर कुल 28 छात्र-छात्राओं ने इस कॉलेज में नामांकन के लिए आवेदन दिया था। इनमें से 22 छात्र-छात्राओं ने नामांकन ले लिया है। जिला प्रशासन ने यहां पठनीय सामग्री एवं अन्य चीजों की अपूर्ति का आदेश दिया है। कुछ सामग्री कॉलेज को प्राप्त हुई है। अभी तक डेस्क-बेंच की आपूर्ति नहीं हुई है। डीएम के आदेश पर मुख्य पथ से कॉलेज परिसर तक सड़क बनाई गई है। साथ ही शौचालय एवं पानी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि यहां अभी लनमिवि की ओर से अर्थशास्त्र के शिक्षक डॉ. तसलीम एवं एक तृतीय वर्गीय कर्मी मिथिलेश यादव की पदस्थापना की गई है। भविष्य में छह विषयों के शिक्षकों की पदस्थपना होनी है। बिहार सरकार का यह निर्णय स्वागतयोग्य है। हालांकि जब तक राजकीय डिग्री कॉलेज के लिए स्वतंत्र परिसर एवं भवन के साथ शैक्षणिक बुनियादी सुविधाएं, उपस्कर और शिक्षक-कर्मचारी की व्यवस्था नहीं होती है, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सम्भव नहीं होगी।


