लूटने का नया तरीका खोजा साइबर ठगों ने
साइबर ठग लोगों को पैसे भेजकर ठगी कर रहे हैं। पहले छोटी रकम भेजने के बाद वापस मांगने के लिए लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर रहे हैं। पाकिस्तान और इंडोनेशिया नंबर से धमकी देते हुए ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। साइबर ठग लोगों को जाल में फंसाने के लिए नए नए तरीके अपना रहे हैं। इधर साइबर पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है, उधर ठग दूसरा रास्ता तलाश ले रहे हैं। इस समय नया ट्रेंड पैसे भेजकर ठगी करने का चल रहा है। ठग कुछ रुपये भेजकर वापस मांगने के लिए लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि ठग पहले छोटी रकम खाते में भेजते हैं। अमूमन ढाई सौ से ढाई हजार रुपये भेजते हैं। लोगों को लगता है कि गलती से किसी ने खाते में पैसे भेज दिए हैं। फिर साइबर ठग पैसे वापस मांगने के लिए व्हाट्सऐप कॉल या फिर मेसेज करते हैं। लोग पैसे वापस भेजने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद साइबर ठग पैसे वापसी के लिए अपना अकाउंट नंबर या फिर यूपीआई नंबर नहीं भेजते। बल्कि मोबाइल हैक करने वाला एक लिंक भेजते हैं। झांसे में आए लोग जैसे ही लिंक पर क्लिक कर रहे हैं, पैसा वापस ठगों के खाते में चला जा रहा है। इसके साथ ही ठग लोगों के मोबाइल को भी हैक कर ले रहे हैं। इसके बाद ब्लैकमेलिंग कर वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
पाकिस्तान और इंडोनेशिया के नम्बर से आ रहे फोन
मोबाइल हैक करने के बाद आरोपी फोन में सुरक्षित सभी नंबर, फोटो आदि लेकर ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। पाकिस्तान या इंडोनेशिया के कोड वाले नंबर से व्हाट्सऐप कॉल कर या फिर फोन करते हैं। बार-बार धमकी देते हैं कि अगर उनको पैसा नहीं भेजा गया तो वे अश्लील फोटो सभी मोबाइल नंबरों पर भेज देंगे। साइबर सेल प्रभारी मनोज तिवारी ने बताया कि इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। हुकुलगंज, नदेसर, ककरमत्ता, शिवपुर आदि जगहों से लोग शिकायतें लेकर आ रहे हैं।
रकम आए तो खुद से वापस न करें
साइबर सेल प्रभारी का कहना है कि यदि किसी अनजान व्यक्ति की ओर से खाते में रकम आती है तो घबराकर उसके बताए लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर भुगतान करें। बैंक से सीधे संपर्क कर लेनदेन की जानकारी सत्यापित करें। बताया कि संदिग्ध लिंक, मोबाइल नंबर या वेबसाइट की जानकारी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी जांची जा सकती है। अगर ठगी के शिकार हो जाएं तो तत्काल 1930 पर शिकायत करें और www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।


