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4 मार्च, 2021|7:57|IST

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पहल: नए कोरोना वायरस पर वार के लिए तैयार होगा टीके का नया रूप, ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी ने किया ऐलान

covid 19 vaccine side effects

नए कोरोना वायरस पर वार के लिए टीके का नया रूप तैयार किया जाएगा। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने इस बड़े कदम की जानकारी दी है। जिसके साथ ही वह ऐसा कदम उठाने वाला पहला वैज्ञानिक संस्थान बन गया है। विश्वविद्यालय के शोधदल ने बताया कि अलग-अलग देशों में सामने आ रहे कोरोना वायरस के नए नए संस्करणों से निपटने का हल जल्द ही दुनिया के सामने होगा। विश्वविद्यालय अपने बनाए कोरोना टीके में नए कोरोना वायरसों के हिसाब से बदलाव करके नई-नई अपडेटेड वैक्सीन बनाने जा रहा है।

ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील में कोरोना वायरस के नए-नए रूप अथवा संस्करण बहुत तेजी से फैल रहे हैं जो पहले वाले वायरस के मुकाबले ज्यादा संक्रामक हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना वायरस के अधिक संक्रामक संस्करणों का मुकाबला करने के लिए वह अपनी बनायी कोरोना वैक्सीन के नए संस्करणों का तेजी से उत्पादन करने की तैयारी कर रहा है।

ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन तैयार करने वाले वैज्ञानिक अब इस बिंदु पर अध्ययन कर रहे हैं कि टीका निर्माण की प्रौद्योगिकी में किस तरह के व्यावहारिक बदलाव लाकर नए कोरोना वायरस से निपटा जा सकेगा। साथ ही इसका भी आकलन हो रहा है कि वैक्सीन में यह बदलाव (रिकॉन्फिगर) कितना जल्दी लाया जा सकता है। प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी है कि विश्वविद्यालय बहुत सावधानी से नए कोरोना वायरस के उन वेरिएंट पर अध्ययन कर रही है जो कोरोना वैक्सीन की प्रतिरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।

ऑक्सफोर्ड के एक प्रवक्ता ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय सावधानीपूर्वक इस बात का आकलन कर रहा है कि वैक्सीन इम्युनिटी पर कोरोना वायरस के नए वेरिएंट का क्या प्रभाव हो रहा है। साथ ही, अगर जरूरी हो तो इन प्रभावों के आधार पर वैक्सीन में बदलाव करके एक अपडेटेड कोरोना वैक्सीन तैयार की जाएगी और इसका तेजी से उत्पादन होगा।

वैक्सीन के नए संस्करण को मंजूरी देगा ब्रिटेन
नए कोरोना वायरस के असर से सबसे ज्यादा पीड़ित ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि जैसे ही कोरोना वैक्सीन का नया संस्करण तैयार होता है, सरकारी नियामक उसकी जांच पड़ताल करके मंजूरी देगा ताकि नए वायरस से निपटा जा सके। गौरतलब है कि ब्रिटेन में फैला कोरोना वायरस का नया संस्करण 70 फीसदी अधिक संक्रामक है और अब तक दुनिया के 60 देशों में फैल चुका है।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक अध्ययन
शोध 1 : वायरस के कुछ रूपों पर हालिया टीके कारगर नहीं
कोरोना वायरस के जो नए-नए रूप हाल में सामने आए हैं, वे वर्तमान में उपलब्ध दो कोरोना टीकों की प्रभावशीलता को मामूली रूप से प्रभावित करते हैं। न्यूयॉर्क
स्थित रॉकफेलर विश्वविद्यालय ने अपने अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है। शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में सामने आए नए कोरोना
वायरस का अध्ययन करके यह परिणाम हासिल किए।

शोध 2 : असरदार बनाए रखने के लिए टीके में बदलाव जरूरी
कोरोना वायरस के नए संस्करण के खिलाफ कोरोना वायरस के टीके को ज्यादा असरदार बनाने के लिए इसमें बदलाव किए जाने की आवश्यकता हो सकती है।
दक्षिण अफ्रीका की सरकार के वैज्ञानिक सलाहकारों ने अपने अध्ययन के आधार पर यह सुझाव दिया है। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना का नया संस्करण B1351
सबसे बड़े स्तर पर फैल गया है, जिस पर मौजूदा कोरोना वैक्सीन उतनी प्रभावी नहीं होंगी।

एक नजर में :
60 देशों में फैल चुका है कोरोना वायरस का ब्रिटेन में पाया गया नया रूप।
70 फीसदी ज्यादा संक्रामक है ब्रिटेन वाला कोरोना वायरस पुराने के मुकाबले।
02 खुराक वाले मौजूदा टीकों के नए वायरस पर कारगर होने के सबूत नहीं।
 

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  • Web Title:New Coronavirus Vaccine For New Coronavirus Strain oxford university announce