वीबीजीरामजी का प्रधानों को दिया प्रशिक्षण

हिन्दुस्तान, लखनऊ
Follow us on Google News
share

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता जिले में वीबीजीरामजी (पहले मनरेगा) योजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने की

वीबीजीरामजी का प्रधानों को दिया प्रशिक्षण

दिन में तीन बार हाजिरी का नया प्रावधान लागू हो गया है। ऐसे में जो श्रमिक अपने हिस्से का काम सुबह ही करके किसी अन्य काम की तलाश में जाना चाहे तो संभव नहीं है। महंगाई के दौर में महज 300 सौ रुपए दिहाड़ी पर श्रमिक मिलना आसान नहीं है। कहीं अन्य जगह काम करने पर उसे चार-पांच सौ रुपए आसानी से मिल जा रहा है। यह सवाल बुधवार को विकास भवन में बीवीजीरामजी (पहले मनरेगा) योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रधानों ने उठाया। अधिकारी इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

दरअसल लखनऊ में बीवीजीरामजी योजना में लाभार्थियों की संख्या पिछले पांच वर्षों में लगभग 80 प्रतिशत कम हो गयी है। लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर कवायद शुरू की गई है। बुधवार को विकास भवन में प्रधानों को योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उनको प्रशिक्षित करने के साथ योजना में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल शर्मा के सामने प्रधानों ने कहा पहले एक बार ही हाजिरी होती थी, लेकिन अब तीन बार हाजिरी को अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में अब कोई इस योजना का लाभ लेना ही नहीं चाह रहा है। लखनऊ का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। लोगों को आसपास ही रोजगार मिल जा रहा है। प्रशिक्षण में प्रधानों के साथ ब्लाक प्रमुख, असिस्टेंट प्रोग्राम अधिकारी, तकनीकी सहायक व सचिव शामिल हुए। उनको बदले नाम और योजना के प्रारूप के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि पहले 100 दिन की रोजगार देने की गारंटी थी जो बढ़ाकर अब 125 दिन कर दी गयी है। मजदूरी भी 252 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए हो चुकी है। साथ ही युक्त धारा पोर्टल की भी जानकारी दी गयी। तकनीकी अधिकारियों ने बताया कि अब पोर्टल पर कार्ययोजना और इस्टीमेट बनेगा। हाजिरी लगाने की भी तकनीकी जानकारी दी गयी। बताया गया कि अब श्रमिकों का भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से होगा।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsवीबीजीरामजी का प्रधानों को दिया प्रशिक्षण