अमन के नेटवर्क की जांच गहराई से हुई तो कई चेहरे हो सकते हैं बेनकाब
अमन के नेटवर्क की जांच गहराई से हुई तो कई चेहरे हो सकते हैं बेनकाब अमन के नेटवर्क की जांच गहराई से हुई तो कई चेहरे हो सकते हैं बेनकाब अमन के नेटवर्क क

बदायूं। शहर में ठगी के मामले में पकड़े गए अमन मयंक शर्मा के संपर्कों और उसके पूरे नेटवर्क को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खुद को भाजपा नेताओं का करीबी बताकर अधिकारियों के बीच प्रभाव जमाने वाले इस नेटवर्क की जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है। चर्चा है कि अमन के संपर्क केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं थे, बल्कि पुलिस विभाग में तैनात कई लोगों से भी उसके संबंध रहे हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2017 के बाद अमन ने राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र के कई लोगों से संपर्क बढ़ाया। इसी दौरान भाजपा के कुछ नेताओं से नजदीकी का दावा करते हुए उसने अधिकारियों के बीच अपनी पहचान मजबूत की। इसके बाद पुलिस विभाग में तैनात रहे कुछ अधिकारियों से भी उसके संपर्क बढ़ने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि इसी प्रभाव के सहारे उसने अधिकारियों के बीच अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए काम कराने का नेटवर्क तैयार किया। अब अमन की गिरफ्तारी के बाद उसके संपर्क में रहे लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग उठ रही है। पुलिस यदि उसके पूरे नेटवर्क और पुराने संपर्कों की पड़ताल करती है तो कई अन्य चेहरे सामने आ सकते हैं。
बिरादरी के अधिकारियों से अच्छे संबंधों का उठाता था फायदा
अमन के बारे में यह भी बताया जा रहा है कि पुलिस विभाग में तैनात अपनी बिरादरी के कुछ अधिकारियों से उसके करीबी संबंध थे। इन्हीं संबंधों के चलते वह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच आसानी से पहुंच बना लेता था। किसी काम के लिए अधिकारी या कर्मचारी से मिलने की जरूरत होती तो वह सीधे संपर्क साध लेता था। उसके इसी नेटवर्क के चलते उसकी अधिकारियों के बीच लगातार आवाजाही बनी रहती थी। अब पुलिस उसके पुराने संपर्कों और संबंधों की भी जानकारी जुटा रही है।
मामला सामने आते ही भाजपा नेताओं ने अमन से बनाई दूरी
मामला दर्ज होने और गिरफ्तारी के बाद भाजपा से जुड़े कई नेताओं ने उससे दूरी बना ली है। पहले वह खुद को कई नेताओं का करीबी बताकर अधिकारियों के बीच अपनी पहुंच का हवाला देता था। अब मामला सामने आने के बाद उसके साथ नजर आने वाले नेताओं ने भी उससे किनारा कर लिया है। पुलिस अब अमन के राजनीतिक संपर्कों और उसके दावों की भी जानकारी जुटा रही है।
भाजपा के नाम पर वसूली के आरोप, कांग्रेस ने एक्स पर उठाया मुद्दा
भाजपा का पदाधिकारी बताकर दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर रुपये लेने के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पार्टी और सत्ता के नाम पर आम लोगों को डराकर वसूली की जा रही थी। पोस्ट में अजय शर्मा और अमन उर्फ मयंक शर्मा का जिक्र किया गया है। कांग्रेस ने कहा कि दोनों खुद को भाजपा से जुड़ा बताकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अपनी पहुंच का प्रभाव दिखाते थे। सिविल लाइंस पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों से संबंधित रकम भी बरामद की गई है। कांग्रेस ने पूरे नेटवर्क की जांच कर संरक्षण देने वालों की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


