नेपाल की तबाही से ठप पड़ा सोनौली-नौतनवा का व्यापार, सन्नाटे में डूबे सीमावर्ती बाजार
नेपाल में जलप्रलय और भूस्खलन की वजह से सड़कें बाधित होने से सोनौली और नौतनवा की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। पर्यटकों की कमी से बाजारों में सन्नाटा छा गया है। व्यापारियों की नजर नेपाल के मार्गों की बहाली पर है।
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। नेपाल में आई भीषण जलप्रलय व भूस्खलन के कारण सड़क मार्गों को पहुंचे भारी नुकसान का सीधा असर अब भारत-नेपाल सीमा के प्रमुख व्यापारिक कस्बों सोनौली व नौतनवा में भी दिखाई देने लगा है। इन सीमावर्ती कस्बों की आर्थिक गतिविधियां मुख्य रूप से देसी-विदेशी पर्यटकों व नेपाली ग्राहकों पर ही निर्भर हैं। नेपाल के भीतर कई प्रमुख राजमार्ग बाधित होने से मालवाहक वाहनों का आवागमन और पर्यटकों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय व्यापार की रफ्तार थम गई है。
पर्यटकों की कमी से बाजारों में पसरा सन्नाटा
आपदा के बाद से नेपाल जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। साथ ही नेपाल के आंतरिक क्षेत्रों से खरीद-बिक्री के लिए भारत आने वाले नेपाली ग्राहकों की आवाजाही भी थम गई है। इस दोहरी मार के कारण सोनौली और नौतनवा के बाजारों में रौनक पूरी तरह गायब है और कारोबारी दिन भर सन्नाटे के बीच ग्राहकों का इंतजार करने को मजबूर हैं।
मार्गों की बहाली और आवागमन सामान्य होने की उम्मीद
अब सीमावर्ती व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की पूरी निगाह नेपाल में क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों की बहाली पर टिकी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि नेपाल के भीतर मुख्य मार्ग सामान्य होने के बाद ही सोनौली सीमा से मालवाहकों और सैलानियों की आवाजाही पूरी तरह पटरी पर लौट सकेगी। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि दोनों देशों के सीमावर्ती कस्बों की आर्थिक गतिविधियां एक-दूसरे पर पूरी तरह निर्भर हैं।


