गंडक नदी बयां कर रही नेपाल में तबाह गृहस्थी का मंजर

हिन्दुस्तान, बगहा
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नेपाल में आई जबरदस्त बाढ़ और फ्लैश फ्लड की वजह से गंडक नदी में बहे घरेलू सामान की तस्वीरें सामने आ रही हैं। बाढ़ के मलबे में गैस सिलेंडर, पलंग, कपड़े और अन्य घरेलू सामान शामिल हैं, जो नेपाल में हुई तबाही की कहानी बयां कर रहे हैं। स्थानीय लोग इन सामानों को इकठ्ठा कर अपने जीवन यापन के लिए उपयोग कर रहे हैं।

गंडक नदी बयां कर रही नेपाल में तबाह गृहस्थी का मंजर

बगहा। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड की भयावह तस्वीरें अब गंडक नदी के रास्ते भारत तक पहुंच रही हैं। गंडक की धारा में बहकर आ रहे घरेलू सामान नेपाल में हुई तबाही की कहानी बयां कर रहे हैं। नदी के तट पर कहीं गैस सिलेंडर पड़े है तो कहीं पलंग, टूटे दरवाजे, आलमारी, कपड़े, प्लास्टिक के बर्तन और अन्य घरेलू सामान बिखरे दिखाई दे रहे हैं। हाल के दिनों में गंडक में नेपाल से सिलेंडर, कपड़े और घरेलू सामान बहकर आने की पुष्टि भी हुई है।

नेपाल में तबाही

गंडक के किनारे बसे लोगों के लिए यह मंजर महज नदी में बहकर आया मलबा नहीं, बल्कि पड़ोसी देश में उजड़े परिवारों की कहानी बयां कर रहा है। नदी की तेज धारा के साथ बहती मवेशियों की लाशें और टूटे घरेलू सामान देखकर लोग सहम जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक पल के लिए सोचने पर भी रूह कांप जाती है कि लोग वर्षों की मेहनत से सामान जुटाते हैं, वही सामान बाढ़ की एक लहर में घर से निकलकर सैकड़ों किलोमीटर दूर बह गया है।

गंडक में बहे सामान

गंडक किनारे रहने वाले रामजी यादव ने बताया कि नदी में लकड़ी और घरेलू सामान के साथ सिलेंडर और अन्य वस्तुएं भी बहती दिख रही हैं। सामान देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि नेपाल में बाढ़ ने कितनी बड़ी तबाही मचाई होगी। यह देखकर खुशी नहीं, बल्कि डर और दुख होता है कि किसी परिवार की पूरी गृहस्थी इस तरह नदी में बह गई। वहीं, सुरेश साह ने कहा कि नदी के किनारे पड़े टूटे दरवाजे, पलंग और बिखरे कपड़े देखकर लगता है जैसे किसी का पूरा घर उजड़ गया हो। उन्होंने कहा, हम लोगों ने बाढ़ बहुत देखी है, लेकिन इस तरह पूरी गृहस्थी को नदी के साथ बहते देखना बेहद भयावह है।

भारत में असर

नेपाल से आई त्रासदी का असर गंडक के भारतीय हिस्से में भी दिखाई दे रहा हैं। इससे पहले गंडक में बहकर आए शव भी सीमावर्ती क्षेत्रों में बरामद हुए हैं। नदी के साथ लगातार आ रहे मलबे और सामान ने दोनों देशों की साझा त्रासदी को एक-दूसरे से जोड़ दिया है। गंडक नदी ने नेपाल में आई बाढ़ का दर्द बयां किया है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद गंडक नदी में बहकर आए घरेलू सामान अब दर्जनों परिवारों की दाल-रोटी का सहारा बन गए हैं। नदी किनारे बिखरे पलंग, चौखट, लकड़ियां, प्लास्टिक के सामान और अन्य गृहस्थी के सामान को स्थानीय लोग चुनकर ले जा रहे हैं। किसी के लिए यह सामान नेपाल के तबाह हुए घर की निशानी है तो किसी गरीब परिवार के लिए रोजी-रोटी का जरिया। सुबह से ही नदी किनारे लोगों की भीड़ जुट रही है। लोग पानी कम होने के बाद धारा के किनारे पहुंचकर उपयोगी सामान तलाश रहे हैं। कई परिवार इन्हें घर में इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग लकड़ी व अन्य सामान बेचकर अपनी दाल-रोटी चला रहे हैं। यह दृश्य बाढ़ की भयावहता और मजबूरी दोनों को बयां कर रहा है।

सामान्य प्रश्न

नेपाल में आई बाढ़ के कारण क्या हैं?
कहानी में इन कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।
Hindustan | Bureau

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