नेपाल की त्रासदी के बाद नदी में अपनों की तलाश, पिता को खोजते खड्डा में गंडक किनारे पहुंचा 11 साल का
कुशीनगर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी के निशान अब भारतीय सीमा तक

कुशीनगर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी के निशान अब भारतीय सीमा तक पहुंचने लगे हैं। नारायणी यानी गंडक नदी की तेज धार के साथ शवों के बहकर कुशीनगर पहुंचने से इलाके में दहशत का माहौल है।
शव मिलने से हड़कंप
खड्डा क्षेत्र के मदनपुर सुकरौली स्थित ठोकर नंबर-2 के पास नदी में एक शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला। वहीं, नदी में लगातार पुलिस और प्रशासन की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
लापता नंदलाल साहनी
इस त्रासदी के बीच नेपाल के रसुवा जिले में कबाड़ की दुकान चलाने वाले मोतिहारी निवासी नंदलाल साहनी भी लापता हैं। बाढ़ के बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। उनका 11 वर्षीय बेटा धर्म कुमार अपने तीन भाइयों के साथ किसी तरह जान बचाकर निकलने में सफल रहा।
धर्म कुमार की तलाश
अब धर्म कुमार अपने लापता पिता की तलाश में कुशीनगर के मदनपुर सुकरौली और भैंसहा इलाके के ठोकरों तक पहुंचा है। नदी की हर लहर और किनारे मिलने वाले हर निशान में उसे अपने पिता की तलाश है।
गंडक नदी का भयावह सच
जिस गंडक नदी के किनारे कभी मछुआरे मछली और लकड़ी तलाशते थे, आज वही नदी लोगों को अपनों की जिंदगी के निशान खोजने पर मजबूर कर रही है।


