दवाओं की खरीद और वितरण के स्टॉक रजिस्टर संधारण में लापरवाही का मामला, डीडीसी ने मांगा जवाब
सरायकेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की खरीद और वितरण के स्टॉक रजिस्टर में लापरवाही का मामला सामने आया है। डीडीसी रीना हांसदा ने सीएचओ डॉ. समीर कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षण के दौरान स्टॉक पंजी में कोई विवरण नहीं मिला, जिसे गंभीरता से लिया गया है।

सरायकेला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायकेला में दवाओं की खरीद और वितरण के स्टॉक रजिस्टर संधारण में लापरवाही का मामला सामने आया है। डीडीसी रीना हांसदा ने लापरवाही को लेकर सीएचओ डॉ. समीर कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीडीसी ने डॉक्टर को 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, डीडीसी रीना हंसदा ने बीते 11 जून को स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जब उन्होंने दवाओं के रख-रखाव और स्टॉक रजिस्टर की जांच की, तो वहां की स्थिति देखकर दंग रह गईं। वित्तीय वर्ष 2023-24 से लेकर वर्तमान समय तक स्टॉक पंजी में दवाओं की खरीद और वितरण का कोई भी विवरण दर्ज नहीं पाया गया।
मुख्य मुद्दा
लाखों रुपये की सरकारी दवाओं की खरीद और उसके वितरण का कोई लिखित लेखा-जोखा न रहना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है। डीडीसी ने इसे वित्तीय नियमों का उल्लंघन और कर्तव्य में लापरवाही माना है। उन्होंने डॉ. समीर कुमार से पूछा कि इतने लंबे समय से रजिस्टर का संधारण क्यों नहीं किया गया। इसके लिए कौन दोषी है और अब तक दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? डीडीसी के इस सख्त कदम से पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्रभारी का तर्क
इस पूरे मामले पर सीएचसी प्रभारी डॉ. समीर कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि स्टोर कीपर नीलम काफी दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रही हैं। उनके बार-बार अस्वस्थ्य रहने के कारण स्टॉक रजिस्टर का संधारण समय पर नहीं किया जा सका। हालांकि, इतने लंबे समय तक वैकल्पिक व्यवस्था न करना भी प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर दवाई सदर अस्पताल से और राज्य की ओर से नियुक्त वेंडर के माध्यम से मिल जाता है। स्वास्थ्य केंद्र में बजट सीमित है और जरूरी दवाईयां ही खरीदी गई है। जिसका विल सुरक्षित है। गुरुवार तक स्टॉक रजिस्टर का संधारण कर लिया जाएगा ।
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