थाने पर लापरवाही, पुलिस महकमे की करा रहे किरकिरी
देवरिया में पुलिस थानों पर लापरवाही से पुलिस विभाग की किरकिरी हो रही है। दो थानेदारों की लापरवाही के कारण एसपी को उच्च न्यायालय में पेश होना पड़ा। गौरीबाजार मामले में थानेदार के वेतन से 65 हजार रुपये वसूली का आदेश दिया गया। यह स्थिति पुलिस विभाग के अनुशासन और सिस्टम पर सवाल उठा रही है।

देवरिया, निज संवाददाता। जिले के थानों पर बरती जा रही लापरवाही से पुलिस महकमे की किरकिरी हो रही है। सिस्टम खराब होने की भी जानकारी जिम्मेदारों के न देने के चलते अधिकारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दो थानेदारों की लापरवाही का खामियाजा एसपी को उच्च न्यायालय में पेश होकर भुगतना पड़ा है। उधर गौरीबाजार प्रकरण में तत्कालीन थानेदार के वेतन से 65 हजार रुपये की वसूली की विभाग की तरफ से तैयारी है। पुलिस महकमे में अनुशासन सबसे ऊपर है। साथ ही इसका सिस्टम सबसे ज्यादा मजबूत माना जाता है। लेकिन इन दिनों थाने के जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा एसपी को भुगतना पड़ रही है।
अप्रैल माह में एक सेना जवान ने भलुअनी थाने में बैठाने की बात कही। एसपी व डीएम से शिकायत करने के बाद उच्च न्यायालय पहुंच गया। हाईकोर्ट ने थाने में बैठाने के मामले में सख्ती बरती और सीसी फुटेज तलब किया, पुलिस की तरफ से जवाब दिया गया कि सीसी कैमरा बंद था, जनरेटर व सोलर पैनल तथा बिजली खराब थी। मामला इतना तूल पकड़ा कि थानेदार को पुलिस लाइन जाना पड़ा और एसपी को उच्च न्यायालय में पेश होना पड़ा। इस बीच एक नया मामला गौरीबाजार थाने का आ गया। जिसमें अप्रैल माह में कुछ लोगों को हत्या के मामले में 10 दिनों तक थाने में बैठाने की बात कही गई है। यह भी मामला उच्च न्यायालय चला गया। बुधवार को उच्च न्यायालय ने सुनवाई की और एसपी से सीसी फुटेज मांगा तो खराब बताया गया। इस पर न्यायालय ने नाराजगी जाहिर की और थानेदार से 65 हजार रुपये वसूली के निर्देश दिए गए। अब तत्कालीन थानेदार से रुपये की वसूली होगी। लोगों का कहना है कि कुछ पुलिस कर्मियों की लापरवाही से विभाग की किरकिरी हो रही है।


