गोकुल जलाशय में प्रवासी पक्षियों का बसेरा हुआ कम
By Newswrap
हिन्दुस्तान, बक्सरपेज-04 का बॉटम मिलने के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति ग्रामीणों ने जलाशय के विकास और संरक्षण की उठाई मांग फोटो संख्या- 01, कैप्सन- गायघाट स्थित गोकुल जलाशय के पास उगी घास। रघुनाथपुर, एक संवाददाता।...

पेज-04 का बॉटम उपेक्षा रामसर स्थल का दर्जा मिलने के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति ग्रामीणों ने जलाशय के विकास और संरक्षण की उठाई मांग फोटो संख्या- 01, कैप्सन- गायघाट स्थित गोकुल जलाशय के पास उगी घास। रघुनाथपुर, एक संवाददाता। ब्रह्मपुर प्रखंड स्थित गायघाट का गोकुल जलाशय उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार रहने वाला यह जलाशय अब घटते जलस्तर, चारों ओर फैली गंदगी व रख-रखाव के अभाव में अपनी पहचान खोता जा रहा है। जलाशय के किनारों पर जगह-जगह कचरा फैला है, जबकि देखरेख के अभाव में पौधे सूखने लगे हैं। जलाशय के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार को लेकर वर्षों से कई घोषणाएं की गई। यहां तक कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की भी बात हुई। लेकिन, धरातल पर अपेक्षित कार्य नहीं हो सका।
पर्यटन विकास की मांग
ये भी पढ़ें:Biharsharif News: इको-टूरिज्म से चमकेंगे गांव, 8 प्रखंडों के 11 तालाबों के विकास का रोडमैप तैयार
सामान्य प्रश्न
✦गोकुल जलाशय को कब रामसर स्थल का दर्जा मिला?−
गोकुल जलाशय को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अश्विनी कुमार चौबे के प्रयास से रामसर स्थल का दर्जा मिला था।
✦स्थानीय लोग जलाशय के लिए क्या मांग कर रहे हैं?+
✦क्या गोकुल जलाशय में प्रवासी पक्षियों की संख्या में बदलाव आया है?+


