युवाओं में बढ़ते ‘केमसेक्स’ ट्रेंड पर अभिभावक रहें सतर्क
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने युवाओं के बीच 'केमसेक्स' के बढ़ते ट्रेंड पर एडवाइजरी जारी की है। इसमें अभिभावकों और शिक्षकों को सतर्क रहने और युवाओं के स्वास्थ्य खतरों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। एनसीबी ने कहा कि नशीली दवाओं के प्रयोग से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे हैं।

नई दिल्ली, एजेंसी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों पर युवाओं के बीच बढ़ते ‘केमसेक्स’ ट्रेंड को लेकर एडवाइजरी जारी की है। ब्यूरो ने अभिभावकों, शिक्षकों और कानूनी एजेंसियों को इसे लेकर सतर्कता बरतने और युवाओं से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर ध्यान देने की सलाह दी है। एनसीबी ने कहा है कि हाल में सोशल मीडिया मंचों पर युवाओं के बीच ‘केमसेक्स’ शब्द के प्रयोग में तेजी से बढ़ावा देखा गया। एक बयान के अनुसार, केमसेक्स का अर्थ यौन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए जानबूझकर नशीली दवाओं या मादक द्रव्यों का इस्तेमाल करने से है। एनसीबी ने कहा है कि कई शहरों में युवाओं के बीच इस तरह के कार्यों की चर्चाएं भी हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया है कि इन दवाओं और मादक पदार्थों में क्रिस्टल मेथम्फेटामाइन, गामा-हाइड्रॉक्सीब्यूटायरेट, गामा-ब्यूटिरोलैक्टोन, मेफेड्रोन और कुछ अन्य सिंथेटिक ड्रग्स शामिल हैं।इनका इस्तेमाल युवाओं को लती बनाने के साथ उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा डाल सकता है। वहीं, इस तरह के कार्यों से एचआईवी और अन्य यौन संचारित संक्रमणों का भी खतरा है। एनसीबी ने कहा है कि अभिभावक, शिक्षक युवाओं के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर निगरानी रखें। उनके परिवार-दोस्तों से दूरी बनाने, अकेले या गुमसुम रहने, पढ़ाई में खराब प्रदर्शन, बिना वजह पैसों की मांग जैसी बातों का खास ध्यान रखें और कुछ भी असामान्य लगने पर तुरंत जरूरी कदम उठाएं।


