अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नौसेना वार रुम लीक कांड: सेवानिवृत कैप्टन को सात साल की सजा, आरोपी रिटायर्ड कमांडर बरी

navy war room leak

वर्ष 2006 के नौसेना वॉर रूम लीक कांड से जुड़े एक मामले में बुधवार को अदालत ने सेवानिवृत कैप्टन सलाम सिंह राठौड़ को सात साल की जेल की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि राठौड़ किसी नरमी के हकदार नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराध किया है। 

तीस हजारी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत के जज एसके अग्रवाल ने सरकारी गोपनीयता कानून (ओएसए) के तहत जासूसी के अपराध के दोषी राठौड़ को सात साल जेल की सजा सुनाते हुए कहा कि उनके पास से बरामद किए गए दस्तावेज रक्षा मंत्रालय के थे और प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शत्रु के लिए उपयोगी थे। वहीं, इस मामले के एक अन्य आरोपी सेवानिवृत कमांडर जरनैल सिंह कालरा को अदालत ने बरी कर दिया। राठौड़ को सजा सुनाते हुए अदालत ने सरकारी वकील की इस दलील पर विचार किया कि राठौड़ के पास से कई गोपनीय दस्तावेज बरामद किए गए। लेकिन वह यह नहीं बता सके कि उनके पास वे दस्तावेज कहां से आए। 

सीबीआई ने लगाए थे आरोप
  इस मामले में सीबीआई ने दो आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए थे। आरोपपत्र में कहा गया था कि उन्हें राठौड़ के पास से विभिन्न मुद्दों से जुड़े 17 आधिकारिक दस्तावेज मिले थे। इनमें से नौ दस्तावेज गुप्त थे, जबकि चार प्रतिबंधित और एक गोपनीय था।  राठौड़ के लिए अधिकतम 14 साल की सजा मांग रही सीबीआई ने दलील दी थी कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराध किया और वह नरमी के हकदार नहीं हैं। बहरहाल, दोषी ने अदालत से नरमी की गुहार लगाते हुए कहा कि वह पहले ही तीन साल जेल में बिता चुके हैं और 13 साल से मुकदमे का सामना कर रहे हैं। दोषी के वकील ने कहा कि राठौड़ 63 साल के वरिष्ठ नागरिक हैं जिन्होंने रक्षा में 28 साल की सेवा दी है। 

बिहारः शराबबंदी से नीतीश कैबिनेट का यूटर्न, मकान जब्ती और गिरफ्तारी जैसे मामलों में मिलेगी राहत

क्या था मामला
वर्ष 2006 के नौसेना वॉर रूम लीक कांड में नौसैनिक वॉर रूम और वायुसेना मुख्यालय से संवेदनशील रक्षा सूचनाओं से लैस 7 हजार से ज्यादा पन्ने लीक हो गए थे। यह ऐसे दस्तावेज थे जिनका सीधा जुड़ाव राष्ट्रीय सुरक्षा से था। इस कांड के मुख्य मामले में नौसेना के पूर्व लेफ्टिनेंट कुलभूषण पराशर, पूर्व कमांडर विजेंदर राणा, बर्खास्त किए जा चुके नौसेना के कमांडर वी के झा, भारतीय वायुसेना के पूर्व विंग कमांडर संभा जीएल सुर्वे और दिल्ली में रहने वाले कारोबारी और हथियार डीलर अभिषेक वर्मा पर आईपीसी एवं सरकारी गोपनीयता कानून के तहत मुकदमा चल रहा है। सभी आरोपी अभी जमानत पर हैं। इनके खिलाफ इसी मामले में अलग से मुकदमा चल रहा है।

इस मामले में दोषी की ओर से किया गया अपराध न केवल समाज के खिलाफ था , बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ किया गया अपराध था। दोषी के पास से बरामद दस्तावेज भारत के रक्षा विभाग से जुड़े हैं और प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दुश्मन के लिए उपयोगी हैं। 
 एसके अग्रवाल, एएसजे 

ये भी पढ़ेंः देश की सभी खबरों के लिए क्लिक करें
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Naval War Room Leak Scand: Retired Captain Sentenced to Seven Years of jail