कृषि और पर्यावरण का चोली दामन का साथ है: डॉ. देवेन्द्र सिंह
इटावा कृषि इंजीनियरिंग कालेज के डीन डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि कृषि और पर्यावरण का घनिष्ठ संबंध है। नेचर वाक के दौरान विद्यार्थियों को जैव विविधता के संरक्षण की शिक्षा मिली। विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण वनस्पतियों जैसे अर्जुन और कदम के औषधीय गुणों को साझा किया, जो पर्यावरण के लिए लाभकारी हैं।

इटावा। कृषि इंजीनियरिंग कालेज के डीन डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा है कि कृषि और पर्यावरण का चोली दामन का साथ है। हमारे विद्यार्थियों और समाज में प्रकृति के प्रति यह संवेदनशीलता बेहद जरूरी है। इंजीनियरिंग कालेज में रविवार की सुबह नेचर वाक के दौरान उन्होने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल हमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ी को जैव विविधता के संरक्षण की व्यावहारिक शिक्षा भी देते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान ने कहा कि मौसम की चुनौतियों के बाद भी टीम ने परिसर में समृद्ध जैव विविधता को रिकॉर्ड किया।नेचर वॉक के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विश्वविधालय परिसर में मौजूद कई महत्वपूर्ण वनस्पतियों से रूबरू कराया।
उन्होने बताया कि अर्जुन औषधीय गुणों से भरपूर है। यह वृक्ष हृदय रोगों में लाभकारी छाल और जल संरक्षण की क्षमता के लिए जाना जाता है। कदम का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसके साथ ही यह छायादार वृक्ष तेजी से बढ़ने और पर्यावरण को शुद्ध करने में सहायक है।


