ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों में धरना प्रदर्शन, 755 कर्मचारी जुटे
कानपुर में भारतीय मजदूर संघ और सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के संयुक्त आह्वान पर कर्मचारियों ने ओईएफ और ओएफसी में धरना-प्रदर्शन किया। प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, न्यूनतम वेतन में वृद्धि और श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाना शामिल था। प्रदर्शन में सौ से अधिक कर्मचारी शामिल हुए और ज्ञापन सौंपे गए।

कानपुर। भारतीय मजदूर संघ, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ और सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को कानपुर की ऑर्डनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री (ओईएफ) और आयुध निर्माणी (ओएफसी) में कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। दोनों संस्थानों के मुख्य द्वार पर कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और ज्ञापन सौंपे। राष्ट्रव्यापी आंदोलन में ओपीएस समेत कर्मचारियों की विभिन्न मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं और फैक्ट्री प्रबंधनों को ज्ञापन दिया। ओईएफ में मजदूर संघ की ओर से डॉ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर अर्धदिवसीय धरना दिया गया। इसमें 755 कर्मचारियों और श्रमिकों ने हिस्सा लिया। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के संयुक्त मंत्री योगेंद्र सिंह चौहान ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, बोनस की सीलिंग बढ़ाने, आठवें वेतन आयोग को लागू कर न्यूनतम वेतन 72 हजार रुपये करने, श्रमिक विरोधी प्रावधान हटाने और मृतक आश्रितों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की।
ओईएफ मजदूर संघ के मंत्री दीपक शुक्ला ने आवश्यक सेवाओं के कर्मचारियों के नाइट ड्यूटी अलाउंस के एरियर का भुगतान, दरबान और एमटीएस से ट्रेड बनाने, वरिष्ठता व फिटनेस के आधार पर एलडीसी और स्टोरकीपर के रिक्त पद भरने व लेबर से ट्रेड्समैन बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। ओईएफ मजदूर संघ के अध्यक्ष मोहम्मद सलीम, संघ पदाधिकारी साधू सिंह, दीपक कुमार, प्रदीप शर्मा, अजय प्रताप सिंह, सुखदेव सिंह, आलोक भट्ट, धीरेन्द्र वर्मा, अश्विनी अरोड़ा रहे।वहीं ओएफसी के मुख्य द्वार पर ऑर्डनेंस फैक्ट्री एम्पलाइज यूनियन ने 10 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसमें ओपीएस बहाली, ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की सीलिंग बढ़ाने, ग्रेच्युटी की गणना 30 दिन की मजदूरी के आधार पर करने, ठेका श्रमिकों समेत समान काम के लिए समान वेतन, न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि, स्कीम वर्करों का मानदेय बढ़ाने, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और लेबर कोड में श्रमिक विरोधी प्रावधान हटाने की मांग शामिल रही। दीपक उपाध्याय, वेद व्यास मणि, आफताब अहमद, जितेंद्र सिंह, अजय कुमार, वरुण मिश्रा, अनुराग वर्मा, जगतारन सिंह, सुनील राय, चंद्रशेखर, विनीत सिंह, शिवेन्द्र सागर शर्मा रहे।


