खूंटी में हड़ताल से 70 करोड़ का बैंकिंग लेन-देन प्रभावित
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा आहूत पांच दिवसीय बैंक हड़ताल से खूंटी जिले में बैंकिंग कार्य ठप रहा। विभिन्न बैंकों की 52 शाखाओं में काम नहीं हुआ, जिससे लगभग 70 से 80 करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार पर असर पड़ा। मुख्य मांगें पांच दिनी बैंकिंग व्यवस्था और पीएलआई में समानता लाना हैं।

खूंटी, संवाददाता। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का खूंटी जिले में भी व्यापक असर रहा। हड़ताल के कारण जिले की विभिन्न बैंकों की 52 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इनमें रनिया की एक, अड़की की दो, मुरहू की चार, कर्रा की आठ, तोरपा की 11 और खूंटी प्रखंड की 26 बैंक शाखाएं शामिल हैं। बैंक शाखाओं के बंद रहने से जिले में करीब 70 से 80 करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार के प्रभावित होने का अनुमान है।
बैंककर्मियों की प्रमुख मांग
बैंककर्मियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। बैंक यूनियनों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक, एलआईसी और जीआईसी समेत कई वित्तीय संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र में अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। कर्मचारी लंबे समय से पांच दिनी बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।
पीएलआई में एकरूपता की भी मांग
परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) में एकरूपता लाने की मांग भी हड़ताल की प्रमुख वजहों में शामिल रही। यूनियनों का कहना है कि इंसेंटिव की व्यवस्था में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। बैंक के प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों के लिए समान व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने पीएलआई योजना को वापस लेने अथवा फिलहाल इसके क्रियान्वयन को स्थगित रखने की मांग की है। यूनियनों का कहना है कि पीएलआई योजना में किसी भी तरह का बदलाव यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से किया जाना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों से बैंक पहुंचे ग्राहक लौटे
हड़ताल की घोषणा पहले ही कर दी गई थी और ग्राहकों को शुक्रवार को बैंक बंद रहने की जानकारी भी दी गई थी। इसके बावजूद सुदूर ग्रामीण इलाकों तक हड़ताल की जानकारी पूरी तरह नहीं पहुंच पाने के कारण बड़ी संख्या में लोग जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए दूर-दराज से शाखाओं तक पहुंचे। शाखाएं बंद मिलने के बाद उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। नकद जमा-निकासी, चेक संबंधी कार्य, पासबुक अपडेट, केवाईसी और अन्य शाखा आधारित काम के लिए पहुंचे ग्राहकों को विशेष परेशानी हुई।
कारोबार और भुगतान व्यवस्था पर पड़ा असर
बैंक शाखाओं के बंद रहने का असर जिले के कारोबार पर भी पड़ा। व्यापारियों के बैंक खातों से जुड़े लेन-देन, भुगतान, चेक क्लीयरेंस और नकदी संबंधी कार्य प्रभावित हुए। छोटे कारोबारी और ग्रामीण क्षेत्रों के दुकानदारों को सबसे अधिक परेशानी हुई। जिले में प्रतिदिन होने वाले बैंकिंग कारोबार को देखते हुए हड़ताल से करीब 70 से 80 करोड़ रुपये के कारोबार के प्रभावित होने का अनुमान है।
सोमवार को खुलेंगी बैंक की शाखाएं
डिजिटल माध्यमों से यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी सेवाएं उपलब्ध रहीं, लेकिन शाखा आधारित कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे। बैंक यूनियनों ने लंबित अन्य मुद्दों के समाधान की भी मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार को दूसरे शनिवार की छुट्टी और रविवार को साप्ताहिक अवकाश है। ऐसे में बैंक शाखाएं अब सोमवार को खुलेंगी। लगातार तीन दिनों तक शाखाएं बंद रहने से ग्राहकों को अपने जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा।


