हड़ताल को लेकर बैंक रहा बंद, कर्मचारियों व अधिकारियों ने किया प्रदर्शन
बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग सुविधा लागू करने व पीएलआई बिसंगतियां दूर करने की मांगों के समर्थन में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। बोकारो और चास के दो हजार से अधिक स्टाफ शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद एक रैली निकाली गई, जिसमें इंडियन बैंक एसोसिएशन से वार्ताओं का उल्लंघन संज्ञान में लिया गया।

बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग सुविधा लागू करने व पीएलआई (परफॉमेंस लिंक्ड इंसेंटिव) बिसंगतियां दूर करने सहित अन्य मांगों के समर्थन में बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों का शुक्रवार को एक दिवसीय राष्टव्यापी हड़ताल रहा। बोकारो व चास के लगभग सवा दौ सौ से बैंकों के करीब दो हजार से अधिक स्टाफ हड़ताल में शामिल रहें। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के प्रस्तावित हडताल का सभी बैंकों का समर्थन मिला। बैंकों के सभी शाखाओं में पूर्ण तालाबंदी रहा। कर्मचारियों व अधिकारियों ने अपने बैंक के मुख्य गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और शाम तक वहीं जमे रहे। निजी बैंकों के कर्मियों ने भी हड़ताल का नैतिक समर्थन किया। प्रदर्शन के बाद सेक्टर 4 सिटी सेंटर स्थित बैंक ऑफ इंडिया से एक रैली निकाली निकाली। रैली पूरे सिटी सेंटर का भ्रमण करते हुए एसबीआई पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया।
भविष्य की हड़ताल की योजना
यूएफबीयू के जिला संयोजक एसएन दास ने कहा कि इंडियन बैंक एसोसिएशन व यूनियन्स के बीच हुई वार्ताओं में परफॉर्मेंस लिंक्ड इन्सेंटिव पर स्पष्ट रूप से यह सुनिश्चित किया गया था कि यह पूर्णतया बैंकों के परफॉर्मेंस पर आधारित होगा। सभी कर्मचारियों व स्केल तक के अधिकारियों को समान रूप से निर्धारित दिनों के आधार पर भुगतान होगा। किन्तु, सरकार द्वारा अचानक से इस समझौते का उल्लंघन करते हुए सभी कर्मचारियों व स्केल-3 तक के अधिकारियों को मात्र 15 दिन का ही प्रोत्साहन राशि देने और उसके उपर स्केल-4 से उपर तक के अधिकारियों को 365 दिन का प्रोत्साहन राशि देने के लिए निर्देश जारी कर दिया गया। राघव कुमार सिंह ने कहा कि 5 दिवसीय बैंकिंग सुविधा लागू होने से काम के घंटों में तो बढ़ोतरी ही होगी। 40 मिनट की कार्य बढ़ोतरी करने के लिए यूनियन ने अपनी सहमति दी हुई है। बावजूद इसके सरकार इस संबंध में अपनी सहमति क्यों नहीं दे रही है।
सितंबर में तीन दिवसीय हड़ताल
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ-साथ सभी वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य दिवस की व्यवस्था है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार लंबित मांगों पर अविलम्ब समुचित निराकरण नहीं करती है तो 28, 29, 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलता तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया जाएगा।
डिजिटल सेवाएं रही उपलब्ध
हड़ताल के कारण नगद जमा-निकासी, चेक से जुड़े कार्य, बैंक ड्राफ्ट सहित अन्य शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित रहा। अधिकांश बैंकों के एटीएम खुले देखे गये। पर किसी भी एटीएम पर पैसा निकासी करने उपभोक्ता नजर नहीं आएं। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहा।
प्रदर्शन में ये हुए शामिल
राघव कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, कृष्ण मुरारी, मिथलेश कुमार, सुधीर कुमार, सुबोध रजक, राजेश ओझा, विभाष झा, पंकज कुमार, प्रदीप झा, राकेश मिश्रा, अवधेश प्रसाद, नीरज तिवारी, राजेश श्रीवास्तव, अरूण कुमार, कृष्णा तिवारी, बबलू कुमार सहित अन्य शामिल थे। हड़ताल का एआईबीए, एआईबीओसी, एनसीबीई, बीईएफआई, एआईबीओए, आईएनबीईफ़ व आईएनबीओसी संगठन शामिल रहा।


