एमबीपीजी कॉलेज में एआई पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू

हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
Follow us on Google News
share

हल्द्वानी में एमबीपीजी कॉलेज के बायोटेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस हॉल में 'गणितीय शोध एवं शिक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में 40 छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षक भाग ले रहे हैं, जिसमें एआई के उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

एमबीपीजी कॉलेज में एआई पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू

हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के बायोटेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस हॉल में शनिवार को “गणितीय शोध एवं शिक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला आठ और नौ अगस्त को आयोजित की जा रही है। इसका आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रायोजित मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत संचालित शोध परियोजना “एआई पावर्ड इनोवेशन इन मैथमेटिकल रिसर्च एजुकेशन फॉर हिली रीजन ऑफ उत्तराखंड” के अंतर्गत किया जा रहा है।

कार्यशाला का संचालन

कार्यशाला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह बनकोटी के मार्गदर्शन में तथा संयोजक डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह और सह-संयोजक डॉ. कामिका चौधरी के समन्वय से आयोजित की जा रही है। प्रथम दिवस तकनीकी सत्रों का संचालन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज के सहायक प्राध्यापक डॉ. गोपाल दत्त ने किया। कार्यशाला में तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। पहले सत्र में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के माध्यम से एआई के प्रभावी उपयोग की आधारभूत जानकारी दी गई। दूसरे सत्र में चैटजीपीटी और क्लॉड जैसे एआई टूल्स से कंटेंट तैयार करने और उसकी विश्वसनीयता जांचने की प्रक्रिया समझाई गई। तीसरे सत्र में डेटा विश्लेषण, सार-संक्षेप और दृश्यांकन के लिए क्लॉड और नोटबुकएलएम जैसे टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में करीब 40 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इसमें शोध, शिक्षा, डेटा विश्लेषण और गणितीय शोध में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस कार्यशाला का विषय क्या है?
इस कार्यशाला का विषय 'गणितीय शोध एवं शिक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता' है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsएमबीपीजी कॉलेज में एआई पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू