विभाजन विभीषिका का मंजर याद कर कांप जाती रूह
विभाजन विभीषिका का मंजर याद कर कांप जाती रूहविभाजन विभीषिका का मंजर याद कर कांप जाती रूह--- फोटोविभाजन विभीषिका का मंजर याद कर कांप जाती रूह--- फोटोवि

राष्ट्रवादी पंजाबी महासंघ ने इंपीरियल तिराहे पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाकर अपने पूर्वजों को नमन किया। मेजर राजीव ढल ने कहा 1947 के देश के विभाजन में सबसे अधिक त्रासदी पंजाबी ने सही। इसमें लगभग दस लाख पंजाबी समाज के लोग शहीद हुए। उनका सामान लूटा गया और बहू बेटियों के साथ दुराचार हुआ। आज भी उस मंजर को याद कर रूह कांप जाती है। वक्ताओं ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का निर्णय लेकर पंजाबी समाज के अमर शहीदों का मान बढ़ाया है। सभी ने मोमबत्तियां जलाईं और दो मिनट का मौन रखकर अपने पुरखों को यादव किया।
नेतृत्व राजीव गुंबर ने एवं संचालन राकेश बाठला ने किया। हरीश भसीन, काले पहलवान, देश रतन कत्याल, कमल गुलाटी, राहुल सेठी, संस्कार कत्याल, दलजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह, उमेश अरोड़ा, सुरेश रहेजा, रवि कपूर, तुषार अग्रवाल आदि शामिल रहे।


