दिसंबर में दिल्ली में होगा राष्ट्रीय आदिवासी अधिवेशन
दिल्ली में दिसंबर में राष्ट्रीय आदिवासी अधिवेशन आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य आदिवासी समाज को एकजुट करना और उनके अधिकार, संस्कृति व विकास को नई दिशा देना है। इसमें राष्ट्रपति को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा, और 800 आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

दिसंबर में दिल्ली में राष्ट्रीय आदिवासी अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। सूर्य सिंह बेसरा ने सोमवार को बताया कि इसका उद्देश्य आदिवासी समाज को एकजुट करना तथा उनके अधिकारों, संस्कृति और विकास को नई दिशा देना है। सफल आयोजन के लिए 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से संयोजक मंडली का मनोनयन किया जाएगा। बेसरा के अनुसार, अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति को आमंत्रित किया जाएगा। देश भर से 47 आदिवासी सांसद, 400 से अधिक विधायक, विभिन्न मंत्री, सभी आदिवासी पद्मश्री व पद्मभूषण सम्मान प्राप्त विभूतियां, आईएएस-आईपीएस अधिकारी, शिक्षाविद्, कानूनविद् और साहित्यकार इसमें शामिल होंगे। आयोजकों के मुताबिक करीब 800 आदिवासी समुदायों के जाति विशेष प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
ये देश के 20 करोड़ आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करेंगे।यह प्रस्ताव 13 सितंबर को दरबार (सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनसंघर्षों का समन्वय), कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ ऑल आदिवासी पॉलिटिकल पार्टीज, नेशनल ट्राइबल यूथ एंड स्टूडेंट्स फेडरेशन, नेशनल ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल और नेशनल ट्राइबल विमेंस ऑर्गेनाइजेशन ने सर्वसम्मति से पारित किया। इसके प्रस्तावक सूर्य सिंह बेसरा हैं।


