शिक्षा से विनय और विनय से आती है पात्रता : वीसी
मुजफ्फरपुर में एलएन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् द्वारा दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका और प्रासंगिकता था। मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षा से समाज का कल्याण होता है। सेमिनार में कई प्रमुख शिक्षकों ने विचार साझा किए।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एलएन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में शनिवार को राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् (आईसीएसएसआर) की तरफ से दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार शुरू हुआ। सेमिनार का विषय विशाल भारत में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका एवं प्रासंगिकता है। मुख्य अतिथि बीआरएबीयू के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि हमारे ऋषियों ने ऐसी शिक्षा दी है कि शिक्षा से विनय आता है, विनय से पात्रता आती है, पात्रता से समृद्धि आती है, समृद्धि से समाज का कल्याण होता है।मुख्य वक्ता नालंदा विवि के डॉ. राजेश्वर कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ज्यादा जरूरत भारतीय ज्ञान परंपरा की ईमोशनल इंटेलिजेंस की है।
केन्द्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वों पर प्रकाश डाला।संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार, कुलसचिव डॉ. कुमार शरतेन्दु शेखर ने दीप प्रज्जवलन में भाग लिया। शिक्षक दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को पुष्प अर्पित की गई। कुलसचिव डॉ. शेखर ने कुलपति प्रो. राय को पौधा एवं शॉल देकर सम्मानित किया। सेमिनार के विषय से संबंधित स्मारिका का विमोचन किया गया।


