राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.03 लाख मामलों का हुआ निस्तारण
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 1,03,744 मामलों का निस्तारण हुआ। 18 दंपतियों ने पुन: एक-दूसरे के साथ रहने का निर्णय लिया। दुर्घटना पीड़ितों के आश्रितों को 6.63 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भानु देव शर्मा, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी व पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिसोदिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न विभागों, बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से संबंधित 94,379 मामलों तथा दीवानी न्यायालयों के 9,365 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार कुल 1,03,744 मामलों का निस्तारण हुआ। इस दौरान जनपद न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी ने विभिन्न बैंकों और विभागों द्वारा लगाए गए शिविरों का निरीक्षण कर वादकारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली.
दंपति पुनर्मिलन
18 दंपतियों ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ
रामपुर। परिवार न्यायालय में 27 वैवाहिक मामलों तथा धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता से संबंधित 78 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें 18 ऐसे मामले थे, जिनमें दंपतियों के बीच विवाद के कारण वैवाहिक संबंध टूटने की स्थिति में पहुंच गए थे। प्रधान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को साथ बैठाकर बातचीत कराई और समझाइश के माध्यम से उन्हें पुन: साथ रहने के लिए राजी किया। इसके बाद जनपद न्यायाधीश एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में 18 दंपतियों ने एक-दूसरे को फूलमाला पहनाकर आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया.
दुर्घटना पीड़ितों की आर्थिक सहायता
रामपुर। मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के पीठासीन अधिकारी विष्णु चंद्र वैश्य ने 60 मोटर एक्सीडेंट क्लेम वादों का निस्तारण किया। इन मामलों में मृतकों और घायलों के आश्रितों को कुल 6,63,76,000 रुपये की प्रतिकर राशि दिलाई गई। इससे हादसों में अपनों को खोने वाले परिवारों को आर्थिक राहत मिली.


