राष्ट्रीय लोक अदालत में 89805 मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में 89805 मामलों का निस्तारण शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 89805 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 32
सोनभद्र, संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 89805 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 32 करोड़ 13 लाख 59 हजार 534 रुपये की समाधान धनराशि तय हुई। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रामसुलीन सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक विवाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण, विद्युत एवं जल बिल, सेवा संबंधी विवाद, सेवानिवृत्तिक लाभ, राजस्व वाद तथा अन्य सिविल मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन मामलों का भी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायालयों में 3429 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें जुर्माना एवं समझौता धनराशि के रूप में 10 करोड़ 47 लाख 23 हजार 500 रुपये की धनराशि रही। मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण में 84 मामलों के निस्तारण के साथ 8 करोड़ 36 लाख 38 हजार 500 रुपये की धनराशि तय हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 2150 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा जनपद के राजस्व न्यायालयों, अन्य न्यायालयों एवं विभागों में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन के 85884 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें जुर्माना एवं समाधान धनराशि के रूप में 19 करोड़ 9 लाख 57 हजार 207 रुपये तय हुए। वहीं निजी एवं सार्वजनिक बैंकों से संबंधित 492 मामलों का निस्तारण करते हुए 2 करोड़ 56 लाख 78 हजार 827 रुपये की समाधान धनराशि तय की गई। इस प्रकार 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 89805 मामलों का अंतिम रूप से निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के क्रम में नौ से 11 सितंबर तक आयोजित विशेष लोक अदालत में लघु अपराधों से संबंधित 51 मामलों का भी निस्तारण किया गया। इस दौरान जनपद न्यायाधीश ने बैंकों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और बैंक प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत का लाभ दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का त्वरित एवं सरल समाधान कराने की अपील की। लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रचना अरोड़ा, प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश संदीप गुप्ता, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट गोविन्द मोहन, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ओमकार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश विपिन कुमार समेत अन्य न्यायिक अधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक अरुण कुमार सिंह, अधिवक्ता एवं बैंक प्रतिनिधि मौजूद रहे।


