राष्ट्रीय लोक अदालत में 79510 वादों का हुआ निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ कराते जिला जज विनय कुमार तृतीय का शुभारम्भ कराते जिला जज विनय कुमार तृतीय हाथरस। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्

हाथरस। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय की अध्यक्षता में दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायालय हाथरस के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला बार ऐसोसियेशन के अधिवक्तागण, बैंक अधिकारी/कर्मचारी, वादकारीगण, कर्मचारीगण उपस्थित रहे। वर्तमान वर्ष की इस तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 79510 वादों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायाधीश, हाथरस विनय कुमार-तृतीय, के न्यायालय से 05 फौजदारी वादों का निस्तारण किया।
जिला न्यायालयों से वादों का निस्तारण
प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय हाथरस विजय डूंगराकोटि के न्यायालय से कुल 25 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। जिनमें 08 जोड़े साथ-साथ राजी खुशी से अपने घर गये। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, मीनू शर्मा, के न्यायालय से 36 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों का निस्तारण किया। अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत राजेश कुमार, के न्यायालय से 05 वादों का निस्तारण किया। अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग राकेश कुमार-चतुर्थ, के न्यायालय से 16 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या संगीता शर्मा के न्यायालय से 12 फौजदारी वाद का निस्तारण किया।
विशेष न्यायालयों का योगदान
विशेष न्यायाधीश एससीएसटी अधि) हर्ष अग्रवाल के न्यायालय से 01 सिविल वाद एवं 25 फौजदारी वादों का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश विजय कुमार के न्यायालय से 03 फौजदारी वाद का निस्तारण किया।
विशेष न्यायाधीश, पोक्सो अधिनियम कोर्ट निर्भय नारायन राय के न्यायालय से 02 फौजदारी वादों का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश शैलेन्द्र सिंह के न्यायालय से 301 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश ईश्वर सिंह के न्यायालय से 05 फौजदारी वाद का निस्तारण किया।
अपर जनपद न्यायाधीश महेन्द्र रावत के न्यायालय से 02 सिविल वादों एवं 01 फौजदारी वाद का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश प्रशान्त कुमार के न्यायालय से 03 फौजदारी वादों का निस्तारण किया।
मुख्य न्यायालय का कार्य
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा के न्यायालय से 3497 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय से 04 वाद धारा 138 एनआईएक्ट 1217 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया। सिविल जजत्वरित न्यायालय ईशा अग्रवाल के न्यायालय से 11 सिविल वादों एवं 508 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया। सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग सारांश शर्मा के न्यायालय से 09 सिविल वादों का निस्तारण किया गया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चन्द्रा के न्यायालय से 251 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज त्वरित न्यायालय-द्वितीय, अरिजीत सिंह के न्यायालय से 315 लघु आपराधिक वाद का निस्तारण किया।
सिविल जज त्वरित न्यायालय-प्रथम रोबिन कुमार के न्यायालय से 01 सिविल वाद व 11 वाद धारा 138 एन.आई. एक्ट के निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद आकांक्षा तिवारी के न्यायालय से 06 सिविल वादों व 234 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया। सिविल जज /न्यायिक मजिस्ट्रेट सिकन्द्राराऊ दीपा सैनी के न्यायालय से 05 सिविल वादों एवं 753 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद, नेपाल सिंह के न्यायालय से 05 सिविल वादों व 01 वाद धारा 138 एनआई एक्ट एवं 207 लघुआपराधिक वादों का निस्तारण किया।
अपर सिविल जज सादाबाद शिव कुमार यादव के न्यायालय से 230 लघुआपराधिक वादों का निस्तारण किया। इसके अलावा समस्त एसडीएम, तहसीलदार व अन्य विभागों के अधिकारियों ने मुकदमों का निस्तारण किया।


