लोक अदालत में 2,772 मामलों का निष्पादन, 5.17 करोड़ रुपये का कराया गया सेटलमेंट
प्रभारी प्रधान जिला जज,डीएम वर्षा सिंह और अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया उद्धाटन लोक अदालत में वादों की सुनवाई और निष्पादन 30 न्यायिक बेंचों में किया गया लोक अदालत के लिए कुल 35183 मामले थे...

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। लोक अदालत के दौरान कुल 2,772 मामलों का निष्पादन सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। साथ ही बैंक ऋण सहित विभिन्न मामलों में कुल 5 करोड़ 17 लाख 78 हजार 957 रुपये की राशि का सेटलमेंट किया गया। सिविल कोर्ट परिसर में सुलहनीय वादों के निष्पादन के लिए लगाई गई लोक अदालत में वादों की सुनवाई को लेकर कुल 30 न्यायिक बेंच बनाए गए थे। जहां वादों की सुनवाई कर निष्पादन व राशि का सटेलमेंट कर वाद को समाप्त कराया गया।
कार्यक्रम का उद्धाटन
सिविल कोर्ट परिसर में विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत के राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर कार्यक्रम का उद्धाटन जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह,प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गयासुद्दीन,आरक्षी अधीक्षक शुभांक मिश्रा तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रमोद कुमार,जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंडी लाल दास एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य सह सचिव स्व.कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव डॉ.सुधीर कुमार शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रभारी जिला जज ने कहा कि लोक अदालत के द्वारा कुल 35183 मामले चिन्हित किए गए हैं। जिसमें न्यायालय से लंबित कुल 8900 मामले शामिल है। इसमें से अपराधिक समनिय मामले,मोटर वाहन दावा बाद, श्रम विभाग से संबंधित मामले,वैवाहिक विवाद, दीवानी वाद इत्यादि मामले शामिल हैं। मामलों के निष्पादन हेतु कुल 30 बेंच बनाए गए थे। जिसमें ट्रैफिक चालान के लिए बेंच बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य ही न्यायालय की वादों को सुलह समझौते के माध्यम से संबंधित पक्षकारों की सहमति से त्वरित न्याय देना है। जिससे उनका बहुमूल्य समय, पैसा तथा संसाधन की बचत हो तथा इससे कोर्ट फीस भी वापस होता है। यदि लोक अदालत से मामला आपसी सुलह के आधार पर समाप्त होता है तो इसकी कोई अपील नहीं होती है।
लोक अदालत के फैसले
इस अवसर पर वैशाली की जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि लोक अदालत के द्वारा समाज में भाईचारा का माहौल कायम होता है। लोक अदालत के फैसले आपकी सहमति के आधार पर होते हैं। इस फैसलो में दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने आम लोगों से अपील की की लोक अदालत का भरपूर लाभ उठाएं तथा अपने-अपने मुकदमों का निष्पादन इस शिविर के माध्यम से कराये। इस अवसर पर आरक्षी अधीक्षक वैशाली शुभांक मिश्रा, डॉक्टर सुधीर कुमार शुक्ला, चंडीलाल दास, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रमोद कुमार ने विस्तार पूर्वक लोक अदालत के माध्यम से एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उक्त आशय की जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रमोद कुमार ने कहा कि मामलों के निष्पादन हेतु कुल 30 बेंच बनाए गए थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे तथा शिविर के आयोजन में आवश्यक सहयोग प्रदान किया। -अमिताभ सिंह


