राष्ट्रीय लोक अदालत में एक लाख से अधिक मामलों का निष्पादन
चाईबासा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस न्यायालय में 133235 मामलों का निष्पादन हुआ, जिनमें 39 करोड़ रुपये का समायोजन शामिल है। यह अदालत झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा उद्घाटन की गई थी और हर तीन माह में आयोजित की जाती है।

चाईबासा, संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा के तत्वावधान में चाईबासा व्यवहार न्यायालय और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इन लोक अदालतों के माध्यम से एक लाख से अधिक मामलों का निष्पादन तथा 39 करोड़, 51 लाख, 4 4,062 हजार रुपये का समायोजन हुआ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह कार्यकारी अध्यक्ष झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने धनबाद से आभासी माध्यम से किया। इसी क्रम में चाईबासा सिविल कोर्ट परिसर और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस दौरान चाईबासा न्यायालय में गठित ग्यारह और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में तीन न्यायपीठों का गठन किया गया, मामलों की सुनवाई करते हुए प्री लिटिगेशन के 129777 मामलों, जिसमें बैंक से संबंधित 609 वाद, ट्रैफिक चालान के 102,राजस्व के 128108, बी एस एन एल के 10, स्थायी लोक अदालत के 943, उपभोक्ता न्यायालय से संबंधित 5 तथा विभिन्न न्यायालयों में लंबित 3458 मामलों जिसमें अपराधिक शमनीय (कंपाउंडेबल) के 2934 वाद, बिजली विभाग से संबंधित 84, राजस्व से संबंधित 400,मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रइब्यूनल के तहत 14 ; कुटुंब न्यायालय से संबंधित 9, एन आई एक्ट से संबंधित 17 वादों का निष्पादन आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया, जिसमें कुल 133235 मामलों का निष्पादन किया गया। प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने बताया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन माह के अंतराल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोग अपने सुलहनीय मामलों के निष्पादन के लिए आवेदन कर सकते हैं।


