राष्ट्रीय लोक अदालत में होता है आपसी समझौते से मामलों का निष्पादन
राष्ट्रीय लोक अदालत में होता है आपसी समझौते से मामलों का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत में होता है आपसी समझौते से मामलों का निष्पादन

जमुई । नगर प्रतिनिधि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जमुई सिविल कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुधीर सिन्हा ने अग्नि ज्योति प्रज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए कहा कि यहां पक्षकारों को बिना किसी खर्च के और बिना लंबी कानूनी लड़ाई के त्वरित न्याय मिलता है। इस अदालत में आपराधिक सुलहनीय मामले, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, बैंक वसूली, बिजली के बिल संबंधी विवाद, श्रम और भूमि अधिग्रहण जैसे सैकड़ों मामलों का समाधान निकाला जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कोई पक्ष हारता नहीं, बल्कि दोनों की सहमति से मामला निपटा दिया जाता है।
न कोई महंगा वकील, न कोर्ट की लंबी तारीखें और न ही सालों तक लटकता हुआ केस इसकी खाशियत है। एक बार फैसला हो गया तो फिर किसी भी अदालत में अपील करने की जरूरत नहीं होती है। इसका फैसला अंतिम होता है। वहीं डीएएसजे तृतीय कमला प्रसाद ने कहा कि इस अदालत में कोर्ट का आदेश नहीं बल्कि सहमति से वादों को सुलझाया जाता है। फैसला दोनों पक्षों की सहमति से किया जाता है। इसलिए यह जल्द, प्रभावी और अंतिम होता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह और समझौता से राजीनामा योग्य प्रकरणों का निस्तारण किया जाता है। उन्होंने इस अदालत का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने की अपील की। डीएम श्री नवीन ने कहा कि कोर्ट पर मुकदमों का बोझ कम करने के साथ आम आदमी को बगैर किसी खर्च के न्याय उपलब्ध कराने के लिए लोक अदालत की व्यवस्था की गई है। यह अदालत सस्ता और सुलभ न्याय का प्लेटफार्म है। इसमें समय की बचत होती है। साथ ही पारिवारिक और सामाजिक शांति बनी रहती है। उन्होंने लोक अदालत में ट्रैफिक मामलों के निपटारे की चर्चा करते हुए कहा कि 90 दिनों से ज्यादा पुराने ई-चलान और इससे जुड़े मामलों के निपटारे पर विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। डीएम ने भी इसे अत्यंत लाभकारी अदालत करार देते हुए कहा कि पक्षकार यहां वादों को निपटा कर चैन की नींद लें। एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का ध्येय " न्याय सबके लिए " के संकल्प को साकार करना है। यहां आम लोगों को त्वरित न्याय मिलता है। न्याय प्र्त्रिरया सरल, सुलभ और कम खर्चीला है। यहां न तो कोर्ट फी लगती है और न ही न्याय के लिए वर्षों का इंतजार करना पड़ता है। एसपी ने भी राष्ट्रीय लोक अदालत की अहमियत को गिनाया। जिला विधिक संघ के अध्यक्ष सीताराम सिंह ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया और लोक अदालत के आयोजन की सराहना की। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मंजूश्री कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया । डॉ. निरंजन कुमार ने राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन सत्र का मंच संचालन किया। न्यायिक पदाधिकारी आमोद कुमार, गौतम कुमार, चंद्रबोस कुमार सिंह, अनुभव रंजन, कंचन रानी, मेघा मनीषा, ज्ञान प्रकाश, अतुल रत्न, गौरव कुमार, डीटीओ डॉ. सुनील कुमार, कला संस्कृति पदाधिकारी विकेश कुमार, एलडीएम रामदेव रविदास, अधिवक्ता पवन राय, न्यायालय कर्मी मुकेश रंजन के साथ बड़ी संख्या में पक्षकार इस अवसर पर उपस्थित थे।


