लोक अदालत को लेकर जागरूक किया गया
12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें ग्रामीणों को लोक अदालत के माध्यम से वादों के त्वरित निस्तारण की जानकारी दी गई। न्यायाधीश मृणालिनी श्रीवास्तव ने निश्शुल्क न्याय की उपलब्धता और आमजन को सुलभ न्याय प्रदान करने के उद्देश्य को बताया।

सलोन संवाददाता। 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में गुरुवार को ब्लॉक सभागार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को लोक अदालत के माध्यम से वादों के त्वरित एवं सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण की जानकारी दी गई। ग्राम न्यायालय सलोन की न्यायाधीश मृणालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन वर्ष 1987 में समाज के गरीब, असहाय, निर्बल, महिलाओं, बालिकाओं, बच्चों, श्रमिकों और दिव्यांगजनों को सुलभ एवं निश्शुल्क न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। प्राधिकरण लगातार अपने कार्यों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को विधिक सहायता उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करने के साथ ही आमजन को शीघ्र एवं सरल न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।इस दौरान तहसीलदार अवनीश कुमार सलोन ने भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों और लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। शिविर में ग्रामीणों को विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए लोक अदालत में अपने लंबित मामलों का निस्तारण कराने के लिए प्रेरित किया गया।


