प्राइवेट स्कूल हास्टल में सर्पदंश से छात्रा की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड के लोहरदगा जिले के एक प्राइवेट विद्यालय के छात्रावास में सांप के काटने की घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है। घटना में 13 वर्षीय छात्रा की मृत्यु हो गई और अन्य तीन छात्राएं घायल हो गईं। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से 2 सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

कुडू, प्रतिनिधि। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड के लोहरदगा जिले में एक प्राइवेट आवासीय विद्यालय के छात्रावास में चार छात्राओं को सांप के काटने की सूचना पर स्वत: संज्ञान लिया है। सात जुलाई की रात घटी इस घटना में 13 वर्षीय एक छात्रा की मौत हो गई थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। आयोग द्वारा 13 जुलाई को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि यदि समाचार रिपोर्ट की बातें सही हैं, तो यह छात्रों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है।
हॉस्टल में सांप के काटने की घटना
गौरतलब है कि कुड़ू प्रखंड के सलगी पंचायत के रोचो महुवा टोली में संचालित संवसीरा हायर सेकेंडरी स्कूल सह आवासीय परिसर में हॉस्टल के कमरे में सोते समय रात के करीब 11 बजे सेन्हा थाना क्षेत्र के अलौदी नावाटोली निवासी 12 वर्षीय वर्षा उरांव को जब सांप ने काटा तो वर्षा की चीख सुन कर अन्य छात्राएं वहां पहुंची। इसी दौरान सांप ने मनीषा कुमारी, अनिषा उरांव और फुलमनिया उरांव को भी काट लिया। सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद वर्षा उरांव को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल फुलमनिया उरांव का रांची स्थित रिम्स में इलाज चल रहा है। कुड़ू के महतो टोली निवासी अनिषा उरांव और रोचो महुवा टोली निवासी मनीषा कुमारी का इलाज सदर अस्पताल में हुआ। इस खबर को हिन्दुस्तान के नौ जुलाई के अंक में प्रथम पृष्ठ पर प्रकाशित किया गया था। कुडू प्रखंड के सीओ सह बीडीओ संतोष उरांव ने पूछने पर बताया कि उन्हें मानवाधिकार आयोग द्वारा आयोग स्वतः संज्ञान लिए जाने या नोटिस जारी करने की जानकारी नहीं मिली है। जिला प्रशासन से निर्देश प्राप्त होने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
स्कूल-हॉस्टल की स्थिति
अर्द्धनिर्मित भवन में चलता है स्कूल-हास्टल, जमीन पर सोते हैं बच्चे कुड़ू प्रखंड के सलगी पंचायत के रोचो महुवा टोली में संचालित संवसीरा हायर सेकेंडरी स्कूल और इसका हास्टल अर्द्धनिर्मित भवन में चलता है। भवन की दीवारों पर प्लास्टर तक नहीं हैं। फर्श भी तैयार नहीं है। बच्चों को एक बड़े हाल में जमीन पर बिस्तर बिछाकर सुलाया जाता है। इस मौसम में जब सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसे स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ माना जा सकता है। आश्चर्य की बात है कि जहां सुविधाएं और सुरक्षा नहीं है वहां अभिभावकों ने अपने बच्चों को कैसे ऐसे हास्टल में रहने दिया।


