मान्यता प्राप्त संस्थानों में बीएचयू का आयुर्वेद संकाय नहीं
भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने 2026-27 सत्र के लिए बीएएमएस और एमडी/एमएस (आयुर्वेद) में प्रवेश के लिए शिक्षण संस्थानों की सूची जारी की है। इसमें बीएचयू का नाम नहीं होने से दाखिले संकट में हैं। आशा है कि भविष्य में इसे शामिल किया जाएगा। आयोग हर साल कॉलेजों को स्वीकृत और अस्वीकृत श्रेणी में वर्गीकृत करता है।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने वर्ष 2026-27 सत्र में बीएएमएस और एमडी/एमएस (आयुर्वेद) में प्रवेश के लिए मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की सूची जारी कर दी है। इसमें बीएचयू के आयुर्वेद संकाय का नाम नहीं होने से इस साल होने वाले दाखिलों पर संकट गहरा गया है। हालांकि आयोग की अस्वीकृत सूची में भी इसका नाम नहीं है। उम्मीद है कि भविष्य में उसका नाम सूची में आ जाएगा। एनसीआईएसएम हर साल निर्धारित मानकों पर आयुर्वेदिक शिक्षण संस्थानों को ‘स्वीकृत’ (परमिटेड) और ‘अस्वीकृत’(डिनाइड) श्रेणी प्रदान करता है। उसने देशभर के 258 आयुर्वेद कॉलेजों की सूची जारी की है जिसमें प्रदेश के 58 महाविद्यालय शामिल हैं।
चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज का नाम सूची है। बीएचयू के आयुर्वेद संकाय का नाम नहीं होने से बीएएमएस तथा एमडी/एमएस (आयुर्वेद) में होने वाले दाखिलों पर संकट गहरा गया है। दरअसल, 22 अगस्त को एनसीआईएसएम में बीएचयू के आयुर्वेद संकाय पर सुनवाई हुई थी। बायोमीट्रिक उपस्थिति समेत अन्य निर्धारित मानकों पर चर्चा हुई थी। सुनवाई के पांच दिन बाद जारी सूची में उसका नाम नहीं होने से खलबली मच गई। संकाय में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई। आयुर्वेद संकाय से जुड़े लोगों का कहना है कि फिलहाल इसे अंतिम स्थिति नहीं माना जा सकता है। एनसीआईएसएम की अग्रिम सूची में उसका नाम शामिल हो सकता है।


