मां नंदा-सुनंदा महोत्सव 15 से: बेटी की तरह डोली में बिठाकर होगी विदाई

हिन्दुस्तान, देहरादून
Follow us on Google News
share

देहरादून में 15 से 23 सितंबर तक मां नंदा सुनंदा महोत्सव आयोजित होगा। कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद द्वारा आयोजित यह पर्व कुमाऊंनी परंपरा का प्रतीक है, जिसमें देवी को भगवान शिव की पत्नी और बेटी माना जाता है। पूजा-अर्चना के बाद, डोले का विसर्जन होगा, जिसमें भक्ति गीतों का भी आयोजन होगा।

मां नंदा-सुनंदा महोत्सव 15 से: बेटी की तरह डोली में बिठाकर होगी विदाई

देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। गढ़ी कैंट स्थित सीता राम मंदिर नीबूवाला, कोलागढ़ में 15 से 23 सितंबर तक मां नंदा सुनंदा महोत्सव होगा। कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद गढ़ी कैंट शाखा की ओर से आयोजित यह पर्व कुमाऊंनी परंपरा में देवी को भगवान शिव की पत्नी ही नहीं, बल्कि अपनी ध्याण (बेटी) मानने की अनूठी परंपरा का प्रतीक है।शनिवार को प्रेस क्लब में परिषद के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मान्यता है कि हिमालय पुत्र हिमवंत की पुत्रियों नंदा और सुनंदा का विवाह भगवान शिव संग हुआ था और सदियों से ससुराल से मायके (कुमाऊं) आने पर बेटी की तरह ही उनका स्वागत किया जाता है।

इस बार भी महोत्सव में केले के वृक्षों से रुई, कपड़े और बांस के माध्यम से मां नंदा और सुनंदा की मूर्तियां कछुए के आसन (कुर्मासन) पर बनाई जाएगी। अष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही पूरा क्षेत्र झोड़ा, चाचरी और भजनों की गूंज से भक्तिमय होगा। तीन दिन की पूजा-अर्चना के बाद चौथे दिन डोले का विसर्जन कर बेटी की ससुराल विदाई की जाएगी। मीडिया प्रभारी वंदना बिष्ट ने बताया कि आयोजन में मुख्य यजमान राजेंद्र बिष्ट एवं उनकी पत्नी नंदी बिष्ट रहेंगे। कार्यक्रम संयोजक बबीता साह लोहनी ने बताया कि तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान कुर्मांचल परिषद के अध्यक्ष कमल रजवार, सचिव गोविंद पांडे, संरक्षक राजेंद्र सिंह बिष्ट, गढ़ी कैंट अध्यक्ष राजेश पंत, के.डी. जोशी, प्रेमा तिवारी, हरीश चंद पांडे, कमला उप्रेती, कल्पना वर्मा, गणेश कांडपाल, रमा कांडपाल, कमल पटेल, हंसा राणा, पवन डबराल, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, मनमोहन बटकोरा आदि मौजूद रहे।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsमां नंदा-सुनंदा महोत्सव 15 से: बेटी की तरह डोली में बिठाकर होगी विदाई