बेलबाबा में 590 मीटर लंबा, 500 मीटर चौड़ा होगा हाईकोर्ट परिसर
कमलेश कुमार हल्द्वानी। नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में बेलबाबा प्रस्तावित

कमलेश कुमार हल्द्वानी। नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में बेलबाबा प्रस्तावित परिसर को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी कवायद तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने परिसर के लिए चयनित 30 हेक्टेयर वन भूमि का सर्वे पूरा कर लिया है। अब भूमि की वास्तविक सीमा तय करने, सीमांकन और हस्तांतरण की औपचारिकताएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई को राज्य सरकार को हल्द्वानी में हाईकोर्ट भवन के लिए चिन्हित भूमि का कब्जा छह सप्ताह में सौंपने का निर्देश दिया था。
भूमि की भौगोलिक स्थिति
विभागीय स्तर पर तैयार की जा रही रिपोर्ट में भूमि की भौगोलिक स्थिति, सीमाओं और प्रस्तावित उपयोग का तकनीकी ब्योरा शामिल किया जा रहा है। बेलबाबा में प्रस्तावित परिसर की लंबाई करीब 590 मीटर और चौड़ाई करीब 500 मीटर रखी गई है। प्रारंभिक हदबंदी के बाद अब सीमांकन के जरिए राजस्व और वन अभिलेखों से स्थल का मिलान किया जाएगा। इसके बाद वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
60 हेक्टेयर वनीकरण के लिए जमीन की तलाश
परियोजना का अहम तकनीकी पक्ष वन भूमि के बदले क्षतिपूरक वनीकरण है। इसके लिए करीब 60 हेक्टेयर भूमि तलाशने की प्रक्रिया भी तेज की गई है। यानी हाईकोर्ट परिसर के लिए वन भूमि के उपयोग के साथ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की औपचारिकताओं को भी समानांतर आगे बढ़ाया जा रहा है। पूर्व में बेलबाबा की 40 हेक्टेयर भूमि को संभावित विकल्प के रूप में प्रस्तावित किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जबकि मौजूदा विभागीय सर्वे में 30 हेक्टेयर क्षेत्र पर काम किया जा रहा है।
संपर्क मार्गों की योजना
परिसर को तीन दिशाओं से संपर्क मार्गों से जोड़ने की योजना है। इसका उद्देश्य अलग-अलग दिशाओं से आने वाले न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम लोगों को सुगम पहुंच देना तथा भविष्य में यातायात दबाव को बांटना है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रत्यूष कुमार सिंह के अनुसार सर्वे पूरा हो चुका है और भूमि हस्तांतरण के लिए रिपोर्ट तैयारी की जा रही है। संबंधित विभागों की स्वीकृतियों के बाद अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
परियोजना की संभावनाएं
परिसर बनने से बेलबाबा क्षेत्र में सड़क, परिवहन, आवास और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं हैं। हालांकि वन भूमि हस्तांतरण और पर्यावरणीय स्वीकृतियां पूरी होना परियोजना की अगली महत्वपूर्ण कसौटी होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी रफ्तार
15 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी में हाईकोर्ट भवन के लिए जमीन का कब्जा छह सप्ताह में सौंपने का निर्देश दिया। अदालत ने हाईकोर्ट के 2024 के उस आदेश को भी रद्द किया, जिसमें नई भूमि तलाशने की बात कही गई थी।
तकनीकी खाका
30 हेक्टेयर : प्रस्तावित परिसर के लिए मौजूदा सर्वे क्षेत्र
590 मीटर—परिसर की प्रस्तावित लंबाई
500 मीटर—प्रस्तावित चौड़ाई
60 हेक्टेयर—क्षतिपूरक वनीकरण के लिए भूमि तलाश
3 दिशाएं—प्रस्तावित संपर्क मार्ग
30 जजों की क्षमता : भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रस्तावित क्षमता।


