वेनेजुएला में राकेश की मौत का मामला प्रमुख सचिव गृह तक पहुंचा
वेनेजुएला से लौटे मर्चेंट नेवी कर्मी राकेश चौहान के शव में महत्वपूर्ण आतंरिक अंग गायब पाए गए। परिवार ने अधिकारियों से न्याय की मांग की है। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

भलुअनी, हिन्दुस्तान संवाद। वेनेजुएला से मर्चेंट नेवी कर्मी के आए शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मस्तिष्क, हृदय, फेफड़ा समेत अन्य आतंरिक अंग गायब होने का मामला शुक्रवार को प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद तक पहुंच गया। प्रमुख सचिव गृह ने तत्काल डीएम मधुसूदन हुल्गी से बातचीत की और मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम ने भी मामले में केस दर्ज कराने के साथ ही आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
शव का परिवहन
भलुअनी थाना क्षेत्र के ग्राम भगवानपुर (लगड़ा बाजार) के रहने वाले राकेश चौहान (33) पुत्र रामदेव आठ वर्ष पहले मर्चेंट नेवी में गए। उनके मर्चेंट नेवी में जाने के बाद परिवार की स्थिति मजबूत होने लगी। नवंबर माह 2025 में वेनेजुएला गए थे। परिजनों के अनुसार वह अपने पिता व परिवार के लोगों से हर दिन बात करते थे, जब छह मई को उनका फोन घर नहीं आया तो पिता ने सात मई को फोन किया। जिस पर सूचना दी गई कि एक हादसे में वह घायल हो गए हैं, उपचार चल रहा है। चार घंटे बाद बताया गया कि हालत गंभीर है और कुछ घंटे बाद ही उनकी मृत्यु की सूचना दी गई।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
इसके बाद परिवार के लोग शव मंगाने में जुट गए। 4 जून की रात शव देवरिया आया और पुन: डीएम के निर्देश पर चिकित्सकों की तीन सदस्यीय कमेटी ने वीडियो रिकार्डिंग के बीच पोस्टमार्टम किया। राकेश के पिता रामदेव ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव में मस्तिष्क, हृदय, दोनों फेफड़े, लीवर, दोनों गुर्दे, प्लीहा, अग्न्याशय, पेट और आंतें सहित कई प्रमुख आंतरिक अंग नहीं मिले। इसके अलावा थायरायड, हायाइड, लैरिंक्स और ट्रेकिया भी अनुपस्थित थे। शरीर पर गर्दन से जघनास्थि तक लगभग 60 सेंटीमीटर लंबे चीरे पर 22 टांके व एक कान से दूसरे कान तक सिर के पीछे लगभग 20 सेंटीमीटर लंबे चीरे पर 21 टांके लगे मिले। पत्नी रंजना चौहान व पिता रामदेव लगातार डीएम मधुसूदन हुल्गी व एसपी अभिजीत आर शंकर से मुलाकात कर रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सवालों का उठना
शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद से बातचीत की और पूरी बात से अवगत कराया। साथ ही न्याय दिलाने की मांग की। प्रमुख सचिव ने डीएम से भी बातचीत की। इसके बाद पूर्व विधायक ने भी डीएम से बातचीत की। डीएम ने मामले में केस दर्ज कराने के साथ ही परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
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