सूबे में सबसे अधिक मुजफ्फरपुर के बच्चों का बदला स्कूल
मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक बच्चे बदले हैं, जहाँ दो लाख बच्चों को स्थानांतरण प्रमाणपत्र मिला है। बिहार में कुल 33 लाख स्थानांतरण प्रमाणपत्र दिए गए हैं। पटना और पूर्णिया में भी कई बच्चों ने स्थानांतरण लिया है। मुजफ्फरपुर में अधिकतर बच्चे सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित हुए हैं।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सूबे में सबसे अधिक मुजफ्फरपुर के बच्चों का स्कूल बदला है। मुजफ्फरपुर जिले में सबसे अधिक दो लाख बच्चों को स्थानांतरण प्रमाणपत्र मिला है। बिहार स्टेट टेक्स्ट बुक पब्लिकेशन लि. ने सूबे के सभी जिलों में पहली से आठवीं के स्कूली बच्चों के लिए कुल 33 लाख स्थानांतरण प्रमाणपत्र दिए हैं। यह आंकड़ा नए सत्र में अप्रैल से लेकर अबतक का है।
स्थानांतरण प्रमाणपत्र का वितरण
मुजफ्फरपुर के बाद सबसे अधिक पटना में एक लाख और पूर्णिया में डेढ़ लाख स्थानांतरण प्रमाणपत्र दिए गए। सबसे कम शेखपुरा और शिवहर जिले में बच्चों ने स्थानांतरण लिया है। समस्तीपुर में पौने दो लाख, सारण में एक लाख 44 हजार, सीतामढ़ी में एक लाख 29 हजार बच्चों ने स्थानांतरण प्रमाणपत्र लिया है। स्थानांतरण प्रमाणपत्र को छपवाने में 26 लाख से अधिक खर्च किया गया है।
सरकारी से सरकारी और निजी स्कूल में भी गए बच्चे
स्थानांतरण प्रमाणपत्र लेने वाले बच्चों में पांचवीं और आठवीं के सबसे अधिक बच्चे हैं। मुजफ्फरपुर जिले में डेढ़ लाख से अधिक बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने एक सरकारी स्कूल से दूसरे सरकारी स्कूल में नामांकन लिया। इसमें वैसे बच्चे भी रहे, जिन्होंने विभिन्न कारणों से एक प्रखंड को छोड़कर दूसरे प्रखंड के सरकारी स्कूल में दाखिला लिया। कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जिन्होंने सरकारी से निजी स्कूल में भी दाखिला लिया है। डीईओ कुमार अरविंद सिन्हा ने बताया कि जिले में एक हजार से अधिक बच्चे वैसे भी रहे, जिन्होंने दूसरे जिले या अन्य राज्य के स्कूलों में दाखिला लेने को लेकर स्थानांतरण प्रमाणपत्र लिया है।


