जांच में स्मैक के बदले मिली दर्दनाशक दवा, आरोपमुक्त हुए तीन आरोपित
- पिछले वर्ष बेनीबाद के पिरौंछा में कथित स्मैक के साथ हुई थी गिरफ्तारी

मुजफ्फरपुर, हिप्र। पिछले वर्ष बेनीबाद थाना पुलिस ने पिरौंछा गांव में छापेमारी कर स्मैक खरीद-बिक्री के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। इनमें पिरौंछा भिरा टोल के प्रेमसागर कुमार उर्फ छोटा बेला, सुभांश कुमार व पिरौंछा पछियारी टोल का राजेश कुमार शामिल था। पुलिस ने इन तीनों के पास से कुल 30 पुड़िया में कथित तौर पर 30.510 ग्राम स्मैक जब्त किया था। पुलिस ने जब्त कथित स्मैक के नमूने को जांच के लिए एफएसएल भेजा था। एफएसएल की जांच में यह दर्दनाशक दवा निकला। इस रिपोर्ट के आधार पर विशेष कोर्ट (एनडीपीएस एक्ट) दो के प्रभारी न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने शुक्रवार को तीनों को आरोपमुक्त कर दिया।
बेनीबाद थानाध्यक्ष साकेत कुमार शार्दुल ने तीनों के विरुद्ध पिछले वर्ष 27 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि स्मैक खरीद-बिक्री की गुप्त सूचना पर पुलिस बल के साथ उन्होंने पिरौंछा गांव में 27 अक्टूबर की शाम लगभग 4.40 बजे छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में तीनों ने पुलिस को बताया था कि वे स्मैक की खरीद-बिक्री करते हैं। तलाशी लेने पर प्रेमसागर कुमार उर्फ बेला के पास से 20 पुड़िया, सुभांश कुमार के पास से पांच पुड़िया व राजेश कुमार के पास से पांच पुड़िया स्मैक जैसा पदार्थ बरामद हुआ। मामले की जांच के बाद तीनों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट में पिछले वर्ष 14 दिसंबर को विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। विशेष कोर्ट में इन तीनों के विरुद्ध आरोप तय करने को लेकर सुनवाई चल रही थी।


