चर्चित कुंदन सिंह हत्याकांड में चुन्नू ठाकुर और अनिल चौबे बरी
मुजफ्फरपुर हत्याकांड में राकेश कुमार और अनिल चौबे को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। कुंदन सिंह की हत्या 2019 में हुई थी और दोनों आरोपित जेल में बंद थे। सेशन-ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान में विरोधाभास था। अंचला कुमारी ने एफआईआर दर्ज करवाई थी।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। चर्चित कुंदन सिंह हत्याकांड में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-20 शरदचंद्र कुमार के कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले में सेशन-ट्रायल का सामना कर रहे काजीमोहम्मदपुर थाने के गन्नीपुर निवासी राकेश कुमार उर्फ चुन्नू ठाकुर और कांटी की सदातपुर पंचायत के मुखिया अनिल चौबे को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। दोनों फिलहाल जेल में बंद है। इंचार्जी विवाद में एक फरवरी 2019 को कुंदन सिंह की बैरिया बस स्टैंड में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी。
सत्र न्यायालय का निर्णय
चुन्नू ठाकुर के अधिवक्ता रत्नेश भारद्वाज ने बताया कि सेशन-ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों को पेश किया गया। गवाहों के बयान विरोधाभासी थे। वैज्ञानिक साक्ष्य व पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले के सूचिका कुंदन सिंह की पत्नी अंचला कुमारी व पिता का बयान मेल नहीं खा रहा था। इसके अलावा अन्य गवाह चश्मदीद नहीं थे। कोर्ट ने इस संदेह का लाभ दोनों आरोपितों को देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
चार्जशीट और गिरफ्तारी
दो जुलाई 2024 को चुन्नू व अनिल पर हुई थी चार्जशीट :
कुंदन सिंह हत्याकांड में राकेश कुमार उर्फ चुन्नू ठाकुर को पुलिस ने आठ अप्रैल 2024 को नेपाल बॉर्डर के रक्सौल से गिरफ्तार किया था। वहीं, अनिल चौबे को 23 जून 2024 को बैरिया के निकट से पकड़ा गया था। तभी से दोनों जेल में हैं। अहियापुर पुलिस ने दो जुलाई 2024 को दोनों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद दोनों की आरोप मुक्ति की अर्जी खारिज कर सेशन-ट्रायल शुरू हुआ था। अनिल चौबे ने घटना के दिन चंडीगढ़ में होने का दावा करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इसपर 27 मई को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अनिल चौबे के विरुद्ध 16 जून तक सेशन-ट्रायल पर रोक लगा दी। इसके विरुद्ध कुंदन सिंह की पत्नी अंचला देवी की याचिका पर 12 जून को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अनिल चौबे के विरुद्ध सेशन-ट्रायल पर लगाई गई हाईकोर्ट की रोक हटा दी थी।
एफआईआर और अन्य घटना
पत्नी ने दर्ज कराई थी एफआईआर :
कुंदन सिंह की पत्नी अंचला कुमारी ने दो फरवरी 2019 को एफआईआर कराई थी। इसमें राकेश कुमार उर्फ चुन्नू ठाकुर, अनिल चौबे, शिवहर के श्रीनारायण सिंह, दामुचक के प्रकाश सिंह बादल, बस मालिक कैलाश मिश्रा सहित चार अज्ञात को आरोपित किया था। इसमें चुन्नू ठाकुर व अनिल चौबे सेशन-ट्रायल का सामना कर रहे थे।
एसटीएफ से मुठभेड़ में मारा गया था शूटर :
कुंदन सिंह की हत्या के बाद भाग रहा शूटर सीतामढ़ी का रोहित कुमार लोगों से बचने के लिए खाली बस में छिप गया। उसी समय एसटीएफ उधर से गुजर रही थी। एसटीएफ ने उसे सरेंडर करने को कहा। इसके जवाब में उसने बस के अंदर से फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से रोहित की मौत हो गई।


