श्रेया उपाध्याय हत्याकांड : मुख्य आरोपी विवेक का पिता साजिशकर्ता, गिरफ्तार
बच्छांव पश्चिमपुरा में 22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय हत्या मामले में मुख्य आरोपी विवेक चौबे के पिता राम सहाय चौबे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि राम सहाय ने अपने बेटे को श्रेया से शादी के लिए उकसाया था। श्रेया के परिजन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में देरी से नाराज हैं।

रोहनिया, संवाद। बच्छांव पश्चिमपुरा (रोहनिया) में किराए के कमरे में मरुई (राजातालाब) निवासी 22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय हत्या में राजातालाब पुलिस ने मुख्य आरोपी विवेक चौबे के पिता राम सहाय चौबे को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार उसका पिता साजिशकर्ता है। हालांकि पुलिस के दावे में कितना दम है, विवेक की गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा। थाना प्रभारी दयाराम के अनुसार विवेचना के दौरान चोलापुर के नियारडीह निवासी राम सहाय चौबे का नाम सामने आया। उसके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर गिरफ्तारी की गई। बताया कि रामसहाय चौबे अपने पुत्र विवेक चौबे उर्फ निखिल से श्रेया उपाध्याय की शादी कराना चाहता था। श्रेया के परिजनों ने इनकार कर दिया था। श्रेया की शादी अन्यत्र तय कर दी थी। इससे रामसहाय नाराज था। विवेचना में यह भी सामने आया कि रामसहाय ने श्रेया के परिजनों को धमकी देते हुए कहा था कि ‘श्रेया यदि धरती पर रहेगी तो मेरी बहू बनकर रहेगी।’ पुलिस का दावा है कि राम सहाय चौबे ने ही घटना के लिए बेटे को उकसाया था। पुलिस ने यह नहीं बताया कि आखिर राम सहाय ने किस तरह से साजिश रची या बेटे को उकसाया।
श्रेया के परिजनों का दावा, पिता से संपर्क नहीं
पुलिस दावा कर रही है कि राम सहाय ने श्रेया के परिजनों को धमकाया था। उधर श्रेया के मां-पिता का कहना है कि विवेक चौबे से उनकी बातचीत के बाद कहासुनी हुई थी। इस बीच विवेक की मां और पिता से कभी संपर्क नहीं रहा। हालांकि श्रेया के परिजनों का यह जरूर कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित राम सहाय चौबे के बयान में सामने आया है कि वह विवेक और श्रेया के बीच के प्रेम संबंध को चार-पांच साल से जानते थे। उसकी मां भी जानती थी। ऐसे में उसकी मां भी साजिश में शामिल हो सकती है।
मुख्य आरोपी के गिरफ्तार न होने से खफा
श्रेया के परिजन मुख्य आरोपी विवेक चौबे की गिरफ्तारी न होने से खफा हैं। इस पूरी घटना में पुलिस के ढुलमुल रवैये को लेकर अफसरों की ओर से भी कोई कार्रवाई न किए जाने से नाराज हैं। उनका कहना है कि बार-बार पुलिस उनसे ही बार-बार पूछताछ कर रही है। वहीं बेटी के लापता होने की सूचना के बाद जक्खिनी चौकी प्रभारी ने शुरू से ही लापरवाही बरती। अब तक विवेक चौबे की गिरफ्तारी न होने से उन्हें खुद के लिए खतरा महसूस होने लगा है।
डेढ़ साल पहले हुआ था विवाद
श्रेया के पिता ने बताया कि विवेक के मामा को उनके गांव में नेवरसा में संपत्ति मिली है। यहां पर उसके मामा का परिवार रहता है, जहां विवेक अक्सर ही आता था। विवेक की हरकतों से आजिज आकर उसके मामा से शिकायत की गई थी। तब उसके मामा ने कहा था कि विवेक को मारपीट कर समझा दिया गया है, अब वह नहीं आएगा। बावजूद वह मामा के घर आता रहता था। इसे लेकर विवाद भी हुआ था।
सवाल, मौत के बाद कहां से मिलते पैसे
श्रेया के परिजनों का कहना है कि पुलिस की जांच में अब तक पैसे से जुड़ा मामला सामने नहीं आया है। मुठभेड़ में गिरफ्तार मऊ निवासी पुनीत मिश्रा ने पुलिस को बताया था कि विवेक चौबे ने उससे कहा था, श्रेया की हत्या के बाद करीब एक करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। उसमें से 22 लाख रुपये वह पुनीत को देगा। आखिर यह पैसा कौन देने वाला था।


