नहर में किशोरी को दिया था धक्का, डूबने से हुई थी मौत
बडगांव में 15 वर्षीय किशोरी अंतिमा की हत्या के इरादे से उसे लिंक नहर में धक्का देने पर उसकी डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी आयान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। परिजनों ने युवक पर बहला-फुसलाकर अगवा करने का आरोप लगाया है।

बडगांव, संवाददाता। गांव बेलडा मिवासी किशोरी की हत्या के इरादे से लिंक नहर में धक्का देने से उसकी डूबकर मौत हुई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। दो दिन पहले गांव बडूली के समीप लिंक नहर में मिला गांव बेलड़ा निवासी अंतिमा (15) पुत्री मुनेश का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर किशोरी को बहला फुसलाकर कर अगवा कर उसकी हत्या कर नहर में फेंकने को आरोप लगाए थे। पुलिस ने संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर मामले की छानबीन की। मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धक्का देने से नहर में डूबने की पुष्टि होने पर पुलिस ने रविवार को आरोपी आयान पुत्र साबिर उर्फ शब्बू निवासी ग्राम बेलडा बुजुर्ग के खिलाफ में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार भड़ाना का कहना है कि आरोपी द्वारा किशोरी को नहर में धक्का देने से उसकी डूबकर मौत हुई है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं सहित एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
लेखक के बारे में
Parnav Aggarwalप्रणव अग्रवाल पिछले करीब 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) सहारनपुर में जिला प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में अपराध, उच्च शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरें लिखी हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रणव अग्रवाल हिंदी पत्रकारिता के उन सक्रिय पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने काम के जरिए पाठकों के बीच मजबूत पहचान बनाई है। करीब डेढ़ दशक के अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण एवं एक्सक्लूसिव खबरों पर काम किया। हिन्दुस्तान में कार्य करते हुए उन्होंने अपराध, मेडिकल, उच्च शिक्षा और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी अनेक खोजी और विश्लेषणात्मक खबरें प्रकाशित की हैं। समय के साथ बदलते मीडिया परिवेश और पाठकों की रुचि को समझते हुए उन्होंने खबरों की प्रस्तुति में भी नई दृष्टि विकसित की है।
कॅरियर का सफर
प्रणव अग्रवाल ने अपने पत्रकारिता कॅरियर की शुरुआत वर्ष 2011 में अमर उजाला से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद वर्ष 2017 में हिन्दुस्तान समाचार पत्र से जुड़े और यहां उन्हें अपराध, उच्च शिक्षा तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) बीट पर काम करने का अवसर मिला। एएमयू बीट की गहन और प्रभावी कवरेज के लिए उन्हें एएमयू द्वारा मीडिया एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। एचटी ग्रुप की ओर से भी कई बार प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्रणव अग्रवाल ने बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई के साथ-साथ पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। मजबूत शैक्षणिक आधार के कारण उन्हें हिंदी पत्रकारिता में विषयों की गहराई से समझ विकसित करने में मदद मिली। इसी वजह से उन्होंने अपराध, चिकित्सा और उच्च शिक्षा जैसे जटिल विषयों पर भी रिसर्च आधारित और विश्लेषणात्मक खबरें लिखी हैं। उनकी कई एक्सक्लूसिव स्टोरी हिन्दुस्तान के राष्ट्र एवं राज्य स्तर पर विभिन्न संस्करणों में प्रकाशित हुई हैं।
कार्य क्षेत्र एवं दृष्टि
प्रणव अग्रवाल को अपराध, केंद्रीय विश्वविद्यालय, चिकित्सा और उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर विशेष पकड़ हासिल है। उन्होंने इन क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण एक्सक्लूसिव खबरें प्रकाशित की हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है ताकि पत्रकारिता के प्रति विश्वास और विश्वसनीयता बनी रहे।


