हत्या के प्रयास मामले में तीन दोषी करार, तीन साक्ष्य के अभाव में हुआ रिहा
व में रिहा कर दिया गया। सेशन वाद संख्या- 356/2018 में अदालत ने जख्मी जयराम यादव सहित अन्य गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों तथा अभियोजन और बचाव पक

मुंगेर, एक संवाददाता। हत्या के प्रयास के करीब 15 वर्ष पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय राकेश कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को छह अभियुक्तों में से तीन को दोषी करार दिया, जबकि तीन को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया। दोषी करार दिए गए अभियुक्तों में नया रामनगर थाना क्षेत्र के बारिस टोला निवासी सुरेश यादव, मनोज यादव एवं पवन कुमार रंजन शामिल हैं। वहीं, अनिल यादव, सरोज यादव उर्फ मनीष यादव एवं अमित यादव को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया। सेशन वाद संख्या- 356/2018 में अदालत ने जख्मी जयराम यादव सहित अन्य गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों तथा अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राम सेवक मंडल ने बहस में भाग लिया। मामला भूमि विवाद से जुड़ा है। 22 जुलाई 2015 को जयराम यादव खाना खाने के बाद घर से निकले थे, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद उनकी पत्नी सरिता देवी ने थाना में सूचना दी। अगले दिन खोजबीन के दौरान जयराम यादव अम्बेडकर नगर गांव स्थित योगेंद्र यादव के खेत में जुट के बोरे में बंद, जख्मी और बेहोशी की हालत में मिले। उनका इलाज सदर अस्पताल मुंगेर में कराया गया, जिसके बाद लंबे समय तक पटना में भी उपचार चला। घटना को लेकर सरिता देवी ने अपने ही गोतिया के आठ लोगों के खिलाफ नया रामनगर थाना में कांड संख्या 117/2015 दर्ज कराया था। इनमें छह अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में ट्रायल चला, जिसमें तीन दोषी करार दिए गए और तीन को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया।


