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मुंबई प्लेन क्रैशः पहले भी विमान हादसे का शिकार हो चुके थे पायलट पीएस राजपूत

मुंबई प्लेन क्रैश

मुंबई विमान हादसे में टेस्ट पायलट की मौत के बाद दिल्ली स्थित द्वारका की गोल्ड क्राफ्ट सोसायटी में मातम छा गया। विमान के मुख्य पायलट पीएस राजपूत इसी सोसायटी के सी-242 में रहते थे। हादसे में उनकी मौत होने की सूचना के बाद उनकी पत्नी और 25 वर्षीय बेटा मुंबई के लिए रवाना हो गए। 

राजपूत की मौत की सूचना से पड़ोसी भी स्तब्ध थे। पड़ोसी अनील राजपूत ने बताया कि वर्ष 2007 में भी राजस्थान में उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लंबे समय तक अस्पताल में रहने के बाद वह घर आए और फिर से विमान उड़ाना शुरू कर दिया। अनिल ने बताया कि राजपूत ने इसी पांच जून को सी-242 में शिफ्ट किया था। अनिल राजपूत ने बताया कि पीएस राजपूत के परिवार में पत्नी और एक बेटा शामिल है। बेटा मर्चेंट नेवी में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पीएस राजपूत करीब एक साल पहले यहां रहने के लिए आए थे। लेकिन उस समय यह फ्लैट नम्बर सी212 में शिफ्ट हुए थे। लेकिन इस फ्लैट में लंबे समय ने कई समस्या थी। ऐसे में उन्होंने पांच जून को ही दूसरे फ्लैट में शिफ्ट कर गए। 

टेस्ट पायलट थे राजपूत

अनिल राजपूत खुद भी विमानन क्षेत्र में काम करते हैं। ऐसे में उनकी पीएस राजपूत से लंबी बातचीत हुई थी। इसी बातचीज के दौरान एक बार उन्होंने बताया था कि वह करीब चार अलग -अलग कंपनियों में बतौर पायलट काम कर चुके हैं। वर्तमान में वह वीआईपी विमान उड़ाते थे और बतौर टेस्ट पायलट भी कई कंपनियों को अपनी सेवाएं देते थे। मुंबई में हुए हादसे के दौरान भी वह बतौर टेस्ट पायलट काम कर रहे थे। सोसायटी के गार्ड राजीव प्राताप सिंह के अनुसार पीएस राजपूत बहुत की सौम्य व्यक्ति थे। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले करीब 1.30 पर वह बाहर जाने के लिए निकले थे। उसके साथ उनकी मौत की सूचना ही सोसायटी में आई।  
  
लंच के चलते बची कई जानें

माना जा रहा है कि पायलट इस विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले निर्माणाधीन इमारत की तरफ ले गया ताकि ज्यादा लोग हताहत न हों। वहीं घाटकोपर के निवासियों ने बताया कि विमान पेड़ से टकराने के बाद निर्माणाधीन इमारत पर गिरा। यहां बहुत से मजदूर काम करते हैं, लेकिन हादसा लंच के समय पर हुआ, इसलिए वहां कोई मौजूद नहीं था। इससे यहां काम करने वाले 30 मजदूरों की जान बच गई। 

पास की इमारत में 250 छात्र थे

स्थानीय निवासी हरीभाई पटेल ने बताया कि ऐसा लगता है कि पायलट खाली जगह की तलाश में था। उसकों यह पता नहीं था कि यह एक निर्माणाधीन इमारत है। वहीं निर्माणाधीन इमारत के ठीक पीछे एक इमारत में प्रबंधन के 250 छात्रों की कक्षाएं चल रहीं थी। 

जांच के आदेश

 एक अधिकारी ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने हादसे पर दुख जताते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को विमान हादसे की जांच करने को कहा है। डीजीसीए अधिकारियों की एक टीम शुरुआती जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंच गई है। उम्मीद है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) विस्तृत जांच करेगी। 
 
यूपी सरकार ने 2014 में बेच दिया था विमान 

उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि मुंबई में दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान उसका नहीं है और ना ही वह उसका परिचालन कर रही थी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विमान को वर्ष 2014 में निजी कंपनी यूवाई एविएशन को बेच दिया गया था। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के पास वह विमान साल 2014 तक ही था।

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  • Web Title:Mumbai Plane Crash Pilot PS Rajput was also a victim of plane crash previously