इन्वेस्ट यूपी व डीएफसीसीआईएल के बीच एमओयू से मजबूत होगा लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम
- लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के होंगे प्रयास - डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से

लखनऊ, विशेष संवाददाता
प्रदेश में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को जल्द बेहतर बनाया जाएगा। लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को और मजबूत बनने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) व इन्वेस्ट यूपी के बीच सोमवार को एमओयू हुआ। इससे माल ढुलाई (फ्रेट मूवमेंट), मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
समझौता ज्ञापन की प्रक्रिया
अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की उपस्थिति में सोमवार को समझौता ज्ञापन पर डीएफसीसीआईएल के कार्यकारी निदेशक/परियोजना संदेश श्रीवास्तव और इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन आनंद ने हस्ताक्षर किए। यह गैरवित्तीय समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों के अनुसार इस सहयोग के तहत प्रदेश में विस्तृत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क का उपयोग कर माल ढुलाई को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा।
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बदलाव
डीएफसीसीआईएल औद्योगिक क्षेत्रों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय कर सड़क परिवहन से माल को अधिक दक्ष डीएफसी रेल नेटवर्क की ओर स्थानांतरित करने को बढ़ावा देगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम करने तथा फर्स्ट और लास्ट-माइल डिलीवरी समय को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इन्वेस्ट यूपी डीएफसी से जुड़े इन लॉजिस्टिक्स लाभों को देशी और वैश्विक कंपनियों के समक्ष प्रस्तुत करेगा, जिससे उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब, असेंबली यूनिट और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की स्थापना के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
दोनों संस्थाएं समन्वय और संयुक्त कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेंगी। इन्वेस्ट यूपी औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति, यूपी वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स नीति, गति शक्ति मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल नीति से जुड़ी सभी जानकारी साझा करेगा। औद्योगिक भूखंडों के इंडेक्स, जीआईएस मैपिंग और आगामी औद्योगिक कॉरिडोर के मास्टर प्लान को पीएम गति शक्ति पोर्टल से जोड़ा जाएगा। नियमित स्टेकहोल्डर बैठकों के माध्यम से निवेशकों की समस्याओं और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाएगा।


